राजस्व गाँव की मांग पर उबाल, बिंदुखत्ता में फिर भड़केगा आंदोलन

बिन्दुखत्ता को राजस्व गाँव बनाने की मांग को लेकर आरपार की लड़ाई की तैयारी “4 और 5 मई को ग्रामीणों का क्रमिक अनशन” 6 मई को विशाल सभा का आयोजन।
रिपोर्टर – गौरव गुप्ता
लालकुआँ विधानसभा क्षेत्र के बिदुखत्ता को हर हाल में राजस्व गांव का दर्जा दिलाने के लिए ग्रामीणों ने पूरी तरह से कमर कस ली है। इसी को आज लेकर वनाधिकार संगठन के पदाधिकारियों ने लालकुआँ नगर पंचायत के सभागार में पत्रकारों से वार्ता कर आगामी रणनीति के संदर्भ में बताया।
इस दौरान समिति के पदाधिकारियो ने बताया कि एफ आर ए के तहत राजस्व गांव की प्रक्रिया को पूरा किया जाना जरूरी है और इसको लेकर के संगठन लगातार प्रयासरत है आवश्यक औपचारिकताएं भी पूरी की जा चुकी हैं लेकिन अब तक राजस्व गांव का दर्जा नहीं मिला है जिसके चलते अब उनके सब्र का पैमाना छलकने लगा है। लिहाजा 4 एवं 5 मई को बिंदुखत्ता में दो दिवसीय क्रमिक अनशन एवं विचार गोष्ठी का आयोजन किया जाएगा विचार गोष्ठी में सभी राजनीतिक सामाजिक संगठनों के लोगों को भी आमंत्रित किया जाएगा इसके अलावा विभागीय एवं प्रशासनिक अधिकारियों को भी आमंत्रित किया जाएगा और सभी के सुझाव लिए जाएंगे।
मौजूद वक्ताओं ने यह भी कहा कि कांग्रेस एवं भाजपा दोनों ही दलों से यह भी सवाल किया जाएगा कि आखिर उन्होंने राजस्व गांव बनाए जाने की प्रक्रिया में अब तक क्या योगदान दिया है पत्रकार वार्ता करते हुए संगठन की टीम ने बताया कि 18 फरवरी को पूर्व में ग्रामीणों ने जोरदार आंदोलन किया था तथा 15000 के लगभग जनता ने प्रतिभाग कर अपनी भावनाएं व्यक्त की थी बताया गया की 18 फरवरी को दो महीने का अल्टीमेटम दिया गया था कि 2 महीने के अंदर यदि राजस्व गांव की अधिसूचना जारी नहीं होती है तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा यह अवधि पूरी हो चुकी है लिहाजा अब 4 एवं 5 मई को शहीद स्मारक में क्रमिक अनशन विचार गोष्ठी तथा अगले दिन 6 में को आगे की व्यापक रणनीति का ऐलान किया जाएगा।



