बजरंग दल ने राष्ट्रपति के नाम सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा ज्ञापन, असामाजिक गतिविधियों पर जताई चिंता

रिपोर्टर गौरव गुप्ता।
हल्द्वानी में बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने शनिवार को देश में बढ़ती कथित असामाजिक एवं राष्ट्रविरोधी गतिविधियों को लेकर महामहिम राष्ट्रपति के नाम सिटी मजिस्ट्रेट के माध्यम से ज्ञापन सौंपा। इस दौरान बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे और उन्होंने देश की आंतरिक सुरक्षा, सामाजिक सद्भाव तथा कानून-व्यवस्था को लेकर अपनी चिंताएं व्यक्त कीं।
ज्ञापन में संगठन ने आरोप लगाया कि देश के विभिन्न हिस्सों में सुनियोजित तरीके से ऐसी गतिविधियां बढ़ रही हैं, जो सामाजिक ताने-बाने को कमजोर कर रही हैं। कार्यकर्ताओं ने कहा कि यदि समय रहते इन पर नियंत्रण नहीं किया गया, तो इसका व्यापक प्रभाव समाज पर पड़ सकता है।
बजरंग दल के पदाधिकारियों ने विशेष रूप से “लव जिहाद”, अवैध कब्जों और जबरन धर्मांतरण जैसे मुद्दों को उठाते हुए इन पर सख्त कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि कथित तौर पर ऐसे मामलों में वृद्धि देखी जा रही है, जिससे समाज में असुरक्षा की भावना बढ़ रही है।
ज्ञापन में महिलाओं से जुड़े अपराधों पर भी चिंता जताई गई। संगठन ने आरोप लगाया कि कई मामलों में महिलाओं का शोषण और ब्लैकमेलिंग की घटनाएं सामने आ रही हैं, जिन पर त्वरित और कठोर कार्रवाई की आवश्यकता है। इसके साथ ही सरकारी और सार्वजनिक भूमि पर हो रहे अवैध कब्जों को हटाने तथा भूमि की सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी मांग की गई।
कार्यकर्ताओं ने जनजातीय और संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा तंत्र को मजबूत करने पर जोर देते हुए कहा कि वहां विशेष निगरानी और कानून व्यवस्था को और सुदृढ़ करने की जरूरत है। इसके अलावा, जबरन धर्मांतरण को रोकने के लिए कड़े केंद्रीय कानून बनाए जाने की भी मांग ज्ञापन में प्रमुख रूप से शामिल रही।
ज्ञापन सौंपते समय संगठन के प्रतिनिधियों ने कहा कि वे राष्ट्र की एकता, अखंडता और सामाजिक समरसता बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने प्रशासन से अपेक्षा जताई कि इन मुद्दों पर गंभीरता से विचार कर ठोस कदम उठाए जाएंगे।
वहीं, सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय की ओर से ज्ञापन प्राप्त कर इसे उच्च स्तर पर भेजने और उचित कार्रवाई के लिए विचार करने का आश्वासन दिया गया है। प्रशासन ने कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखना उनकी प्राथमिकता है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।



