चंदन हॉस्पिटल, हल्द्वानी ने एसएसबी के जवानों को 2 दिन की दी इमरजेंसी मैनेजमेंट ट्रेनिंग

रिपोर्टर गौरव गुप्ता ।
देश की सुरक्षा में दिन-रात सीमाओं पर तैनात हमारे जवान केवल हथियारों से ही नहीं, बल्कि समय पर मिलने वाली चिकित्सा सहायता से भी सुरक्षित रहते हैं। इसी भावना को केंद्र में रखते हुए चंदन हॉस्पिटल, हल्द्वानी ने 2 दिन की एक विशेष “BLS एवं इमरजेंसी ट्रेनिंग प्रोग्राम” का आयोजन किया, जिसमें SSB के जवानों को आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए प्रशिक्षित किया गया।
यह प्रशिक्षण सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक संकल्प है—
“हम अपने जवानों को इसलिए प्रशिक्षित कर रहे हैं, ताकि वे न सिर्फ अपनी जान बचा सकें, बल्कि अपने साथियों और देश की सीमाओं की भी रक्षा कर सकें।”
इस दो दिवसीय प्रशिक्षण में जवानों को बेसिक लाइफ सपोर्ट (CPR), ट्रॉमा मैनेजमेंट, एयरवे मैनेजमेंट, एम्बुलेंस ऑपरेशन और इन्फेक्शन कंट्रोल जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन जानकारी एवं प्रैक्टिकल ट्रेनिंग दी गई।
कार्यक्रम में प्रमुख भूमिका निभाई:
• Dr. Muneeb Rahman – इमरजेंसी एवं एम्बुलेंस सेवाओं पर मार्गदर्शन
• Dr. Ravi Kumar – एयरवे मैनेजमेंट एवं क्रिटिकल केयर
• Dr. Vikas – ट्रॉमा एवं आपातकालीन प्रबंधन
• Ms. Jaya John (ICN) – इन्फेक्शन प्रिवेंशन एवं कंट्रोल
इस अवसर पर अस्पताल के नेतृत्व ने भी अपने विचार साझा किए:
• Dr. Parvez Ahmad (CEO) ने कहा कि
“हमारे जवान देश की शान हैं। अगर हम उन्हें सही समय पर सही मेडिकल स्किल्स दे सकें, तो यह उनके जीवन के साथ-साथ पूरे देश की सुरक्षा को मजबूत करता है।”
• Dr. Nitish (Medical Director) ने बताया कि
“इमरजेंसी में हर सेकंड की कीमत होती है। यह ट्रेनिंग जवानों को उस हर सेकंड का सही उपयोग करना सिखाती है, जिससे कई जिंदगियां बचाई जा सकती हैं।”
SSB जवानों का फीडबैक:
प्रशिक्षण में शामिल SSB जवानों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह ट्रेनिंग उनके लिए बेहद उपयोगी और जीवन रक्षक साबित होगी। कई जवानों ने विशेष रूप से Dr. Muneeb Rahman के प्रशिक्षण को सरल, प्रभावी और वास्तविक परिस्थितियों से जुड़ा हुआ बताया।
उन्होंने कहा—
“चंदन हॉस्पिटल, हल्द्वानी द्वारा दिया गया यह प्रशिक्षण हमें सिर्फ सीख नहीं, बल्कि आत्मविश्वास भी देता है कि हम किसी भी आपात स्थिति में अपने साथियों की जान बचा सकते हैं।”
कुछ जवानों ने यह भी साझा किया कि:
“Dr. Muneeb और पूरी टीम ने जिस तरह से हमें प्रैक्टिकल तरीके से सिखाया, वह हमारे लिए बहुत प्रेरणादायक रहा। यह ट्रेनिंग हमारे लिए एक नई जिम्मेदारी और गर्व का एहसास लेकर आई है।”
इस प्रशिक्षण के दौरान मॉक ड्रिल, CPR प्रैक्टिस, एम्बुलेंस सिमुलेशन और रियल-लाइफ सीनारियो के माध्यम से जवानों को तैयार किया गया, ताकि वे किसी भी आपात स्थिति में बिना घबराए सही निर्णय ले सकें।
चंदन हॉस्पिटल का यह प्रयास एक संदेश है—
जब हमारे जवान देश की रक्षा करते हैं, तो हमारा कर्तव्य है कि हम उनकी सुरक्षा और जीवन के लिए हर संभव तैयारी करें।
“सशक्त जवान – सुरक्षित देश”








