रोस्टर से सुधरी गैस आपूर्ति, फर्जी पत्रकार की ‘कमाई’ पर लगा ब्रेक

रोस्टर व्यवस्था से सुधरती गैस आपूर्ति से लालकुआं के एक कथित फर्जी पत्रकार के पेट में दर्द, पूर्व में भी हो चुका है भ्रामक खबरों से वसूली का खेल बेनकाब!
लालकुआं।
खाद्य आपूर्ति विभाग और गैस एजेंसियों द्वारा उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए रोस्टर प्रणाली के तहत गैस आपूर्ति को सुचारु बनाने के प्रयास लगातार जारी हैं। इन प्रयासों की पारदर्शिता बनाए रखने और आम जनता तक सही जानकारी पहुंचाने के उद्देश्य से क्षेत्र के जिम्मेदार मीडिया बंधु प्रतिदिन रोस्टर की जानकारी खबरों के माध्यम से प्रकाशित कर रहे हैं।
लेकिन जहां एक ओर यह पहल उपभोक्ताओं के लिए राहत साबित हो रही है, वहीं दूसरी ओर यह व्यवस्था कुछ तथाकथित और विवादित तत्वों को रास नहीं आ रही।
सूत्रों के अनुसार लालकुआं क्षेत्र में एक कथित फर्जी पत्रकार, जो पहले भी दलाली और अवैध वसूली के आरोपों में चर्चा में रहा है और कई बार इस कारण पिट चुका है,बीते कुछ साल पूर्व उक्त फर्जी पत्रकार पर एक वटर पार्क में रंगदारी मांगने को लेकर कोतवाली में मुकदमा भी दर्ज हुआ था जो शहर में चर्चा का बिषय बना रहा। लेकिन अब फिर से सक्रिय हो गया है। आरोप है कि यह व्यक्ति स्थानीय व्यापारियों और उद्यमियों को भ्रामक और डराने वाली खबरें प्रकाशित करने का भय दिखाकर मोटी रकम की मांग कर रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जब से गैस वितरण में पारदर्शिता आई है और मीडिया द्वारा रोजाना रोस्टर प्रकाशित किया जा रहा है, तब से ऐसे तत्वों की “कमाई” पर असर पड़ा है। यही कारण है कि अब यह फर्जी पत्रकार खबरों को तोड़-मरोड़ कर पेश करने और लोगों को डराने-धमकाने की कोशिश में जुटा है।
क्षेत्र के जागरूक नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे फर्जी और ब्लैकमेलिंग में लिप्त लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि मीडिया की साख बनी रहे और आम जनता तक सही जानकारी पहुंचती रहे।
क्या प्रशासन ऐसे तथाकथित पत्रकारों पर लगाम कस पाएगा, या फिर जनहित की खबरों पर यूं ही ब्लैकमेलिंग का साया मंडराता रहेगा?


