उत्तराखंड

जंगल में हाथियों का तांडव, सूंड और पैरों से मोड़ दिया 33 KVA बिजली टावर, पूरे क्षेत्र की बत्ती गुल

लालकुआं। किच्छा से लालकुआं को आ रही 33 केवीए की विद्युत लाइन के टावर को टांडा के जंगल में हाथियों ने क्षतिग्रस्त कर दिया। जिसके चलते नगर एवं संपूर्ण क्षेत्र में घण्टों विद्युत आपूर्ति ठप रही।

प्राप्त जानकारी के अनुसार किच्छा से लालकुआं को आ रहे 33 केवीए के विद्युत लाइन के भारी भरकम टावर को नगला बाईपास के समीप टांडा के जंगल में खड़े विशालकाय विद्युत टावर को जंगली हाथियों ने रात्रि में सूंड एवं पैरों से बुरी तरह टेढ़ा कर दिया, 33 केवीए की विद्युत लाइन जब पेड़ों से टकराई तो विद्युत आपूर्ति ठप हो गई। विद्युत सब स्टेशन लालकुआं से जब विद्युत कर्मी लाइन की जांच करने रात्रि में टांडा के जंगल पहुंचे तो मौके पर हाथियों का झुंड देखकर घबरा गए आनंद भवन में मामले की सूचना विद्युत विभाग के अधिकारियों को दी गई मौके पर पहुंचे विद्युत विभाग के एसडीओ लालकुआं संजय प्रसाद ने बचाव कार्य शुरू कर दिया। शाम तक उक्त टावर के स्थान पर वैकल्पिक विद्युत पोलों को खड़ा करने की कार्रवाई की गयी। एसडीओ संजय प्रसाद ने बताया कि रात्रि में जंगली हाथियों द्वारा विशालकाय टावर को क्षतिग्रस्त कर दिया था, प्रातः तड़के से विद्युत कर्मियों द्वारा शाम तक टावर लगाने की कार्रवाई की गयी।

 

उन्होंने कहा कि शाम साढ़े 5 बजे विद्युत आपूर्ति सुचारू कर दी गयी। इधर लालकुआं बिंदुखत्ता और बरेली रोड के कई क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति ठप्प हो गई, जो कि शाम साढ़े 5 बजे बाद मरम्मत के उपरांत सुचारू हो सकी।

 

इधर तराई केंद्रीय वन प्रभाग के टांडा रेंज के वन क्षेत्राधिकारी रूप नारायण गौतम ने कहा कि इस समय हाथियों का मिलन काल चल रहा है, और इस दौरान हाथी अत्यधिक उग्र होते हैं, संभवतः इसी कारण उन्होंने उक्त विद्युत टावर को नुकसान पहुंचाया होगा। उन्होंने क्षेत्र वासियों से अपील की है कि वह कुछ समय तक जंगल में जाने से परहेज करें।

उल्लेखनीय है कि टांडा के जंगल में घूम रहे एक टस्कर हाथी ने 15 दिन के भीतर तीन लोगों की जान ले ली है, जिसमें दो लोग लालकुआं क्षेत्र की और एक महिला पंतनगर क्षेत्र की निवासी थी। इसके अलावा भी उक्त हाथी ने कई लोगों को जंगल में काफी दौड़ाया है, जिससे क्षेत्र में दहशत की स्थिति बनी हुई है।

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