उत्तराखंड

नंदा चौकी पुल व सौंग बांध सड़क का मसला हाईकोर्ट की दहलीज पर

नंदा चौकी पुल व सौंग बांध सड़क का मसला हाईकोर्ट की दहलीज पर

करोड़ों के निर्माण कार्य की खराब गुणवत्ता की सीबीआई जांच के साथ उठाये कई सवाल

राज्य सरकार तीन इंजीनियरों व निर्माण कंपनी को कर चुकी है ब्लैक लिस्ट

देहरादून। सोलह करोड़ के नंदा की चौकी पुल की क्षतिग्रस्त एप्रोच रोड और मालदेवता (द्वारा गांव) से सौंग बांध तक सड़क निर्माण में कथित खराब गुणवत्ता और सड़क के एक बड़े हिस्से के धंसने का मामला अब हाईकोर्ट तक पहुंच गया है।

इन दोनों चर्चित मामलों में नैनीताल हाईकोर्ट में दायर याचिका पर आज 10 अगस्त ,सोमवार को सुनवाई होगी।

डॉ बैजनाथ की ओर से दायर याचिका में सीबीआई जांच की मांग के साथ कई सवाल उठाए गए हैं।

गौरतलब है कि प्रदेश शासन ने इस प्रकरण में तीन इंजीनियरों को निलंबित करने के साथ निर्माण कंपनी हिमालयन कंस्ट्रक्शन को ब्लैक लिस्ट कर दिया है। इस निर्माण कंपनी में भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष रुचि भट्ट की भी हिस्सेदारी है।

नंदा की चौकी पुल की सीबीआई जांच की मांग

याचिका में नंदा की चौकी पुल से संबंधित योजना, डिजाइन, निर्माण, निगरानी, निरीक्षण, गुणवत्ता नियंत्रण, प्रमाणन और पुनर्निर्माण से जुड़े सभी रिकॉर्ड न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कराने की मांग की गई है।

साथ ही पुल की विफलता के कारणों की जांच के लिए स्वतंत्र उच्चस्तरीय विशेषज्ञ समिति गठित करने का अनुरोध किया गया है।

समिति में अनुभवी पुल इंजीनियर, भू-तकनीकी विशेषज्ञ और जलविज्ञानी शामिल करने की मांग की गई है। याचिका में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) जैसी सरकारी एजेंसी से उच्चस्तरीय जांच कराने का विकल्प भी रखा गया है।

यह भी देखें 👇 

https://www.instagram.com/reel/DbsE140zz3m/?igsh=bTYyYThnYThnM2tz

डिजाइन से लेकर भुगतान तक जांच की मांग

याचिका में प्रस्तावित जांच के दायरे में कई महत्वपूर्ण बिंदु रखे गए हैं। इनमें—

डिजाइन की पर्याप्तता

हाइड्रोलॉजिकल आकलन

भू-तकनीकी जांच

निर्माण सामग्री और निर्माण गुणवत्ता

सामग्री की टेस्टिंग

गुणवत्ता आश्वासन

अधिकारियों की निगरानी

प्रमाणन प्रक्रिया

रखरखाव

थर्ड पार्टी रिपोर्ट

कार्य पूर्णता प्रमाणपत्र

माइलस्टोन भुगतान जारी करने की सिफारिश

शामिल हैं।

 

याचिकाकर्ता ने मांग की है कि जांच में लापरवाही, चूक या कदाचार के लिए जिम्मेदार अधिकारियों, ठेकेदारों, कंसल्टेंट और संबंधित एजेंसियों की जिम्मेदारी तय की जाए। दोषी पाए जाने वालों से कानून के अनुसार वित्तीय नुकसान की वसूली की जाए और जरूरत पड़ने पर उनके खिलाफ सिविल, विभागीय अथवा आपराधिक कार्रवाई शुरू की जाए।

राज्य के अन्य पुलों का भी स्ट्रक्चरल ऑडिट कराने की मांग

Oplus_16908288

ग्राम पंचायतों वाले ग्रामीण क्षेत्र से जोड़ता है।

याचिका के मुताबिक मार्ग बंद होने से स्कूली बच्चों, किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों के नागरिकों को रोजाना देहरादून शहर आने-जाने में परेशानी हो रही है।

वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बाधित होने से ग्रामीणों में तनाव की स्थिति बनी। दस्तावेज में कुछ स्थानों पर स्थानीय धरना-प्रदर्शन और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के अधिकारियों के समक्ष तत्काल सड़क मरम्मत की मांग किए जाने का भी उल्लेख है।

भारी बरसात में सौंग बांध सड़क धंसाव

याचिका में दून एसोसिएट्स, रुचि भट्ट, गर्ग परिवार और हिमालयन कंस्ट्रक्शन से संबंधित बातें दस्तावेज में याचिकाकर्ता द्वारा लगाए गए आरोप/दावे हैं। इस खबर में आरोप के रूप में प्रस्तुत किया गया है। जब तक स्वतंत्र दस्तावेज या संबंधित पक्ष का पक्ष उपलब्ध न हो।

इस मुद्दे पर विपक्षी दल व कई संगठन लगातार विरोध प्रदर्शन कर स्वतंत्र एजेंसी से जांच की मांग भी कर रहे हैं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!