उत्तराखंड

ब्लैक हरेला! हरियाली के पर्व पर उजड़ रहे जंगल, बेघर हो रहे वन्यजीव

ऋषिकेश। एक ओर उत्तराखंड में हरेला पर्व के अवसर पर पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए बड़े पैमाने पर पौधारोपण किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर ऋषिकेश के सात मोड़ क्षेत्र में जंगलों की अंधाधुंध कटाई चिंता का विषय बनी हुई है। पेड़ों के कटने से न केवल पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा है, बल्कि वन्यजीवों का आशियाना भी उजड़ रहा है।

स्थानीय लोगों और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने जंगलों की कटाई का विरोध करते हुए सरकार और संबंधित विभागों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि एक तरफ सरकार ‘एक पेड़ मां के नाम’ और हरेला जैसे अभियानों के जरिए हरियाली बढ़ाने की बात कर रही है, वहीं दूसरी तरफ जंगलों को बचाने में विफल साबित हो रही है।

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सात मोड़ से सामने आई तस्वीरें इस विरोधाभास को साफ तौर पर बयां कर रही हैं। जंगलों की कटाई से वन्यजीव अपने प्राकृतिक आवास से बेघर हो रहे हैं, जिससे मानव-वन्यजीव संघर्ष की आशंका भी बढ़ती जा रही है।

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