पूर्वोत्तर रेलवे की अपील: ट्रैक के पास आग से बचें, लापरवाही पर 5 साल तक की सजा संभव

रिपोर्टर गौरव गुप्ता।
बरेली 22 अप्रैल, 2026:पूर्वोत्तर रेलवे, इज्जतनगर मंडल अपने यात्रियों एवं रेलवे संपत्ति की सुरक्षा के प्रति सदैव तत्पर है। मंडल रेल प्रबंधक, इज्जतनगर सुश्री वीणा सिन्हा ने सभी सम्मानित रेल यात्रियो एवं रेलवे ट्रैक के आस-पास निवास करने वाले आमजन एवं किसानों से अपील की है कि यात्रा करते समय सिगरेट एवं धूम्रपान का प्रयोग न करें तथा विस्फोट पदार्थों यथा-गैस सिलेण्डर, स्टोव, पटाखें एवं किसी भी प्रकार के ज्वलनशील चीजें लेकर न चलें। रेलवे ट्रैक, झाड़ियों या पटरियों के आसपास सूखी घास, पराली या कूड़ा न जलाएं। चलती हुई ट्रेन से जलती हुई माचिस, बीड़ी या सिगरेट ट्रैक के पास न फेंकें।
ट्रैक के आसपास बस्तियों में स्टोव, सिगरी या गैस सिलेंडर का उपयोग बहुत सावधानी से करें और सुनिश्चित करें कि आग पटरियों की तरफ न फैले। आतिशबाजी या किसी भी प्रकार के ज्वलनशील पदार्थ का भण्डारण न करें।
रेलवे ट्रैक के आस-पास आग लगाना न केवल रेलवे संपति को भारी नुकसान पहुँचाता है, बल्कि यात्रियों की जान के लिए भी खतरा पैदा करता है। ट्रैक के पास लगी आग से सिग्नलिंग केबल रिले रुम और दूरसंचार उपकरण जल सकती है, जिससे ट्रेन परिचालन पूरी तरह ठप होने से गाड़ियां विलंब हो सकती है।
आग की लपटें ओवरहेड बिजली की तारों (ओ.एच.ई.) तक पहुँच सकती है, जिससे बिजली आपूर्ति बाधित हो सकती है। आग और उससे निकलने वाले धुएँ से से दृश्यता कम हो जाती है, जिसके कारण ट्रेन को रोकना पड़ सकता है तथा आग के कारण ट्रेन में धुआँ भर सकता है, जिससे यात्रियों का दम घुट सकता है या भगदड़ की स्थिति बन सकती है।
ट्रैक के पास कहीं आग लगी दिखे, तो तुरंत रेलवे हेल्पलाइन नंबर 139 पर या निकटतम रेलवे स्टेशन पर सूचित करें। आसपास के लोगों को रेलवे ट्रैक के पास आग लगाने के खतरों और इसके कानूनी अपराध होने के बारे में बताएं कि रेलवे एक्ट की धारा 151 के तहत किसी भी प्रकार से जैसें- आग द्वारा या अन्य कारणों से रेलवे संपत्ति को नुकसान पहुँचाने पर 5 साल तक की जेल या भारी जुर्माना भरना पड़ सकता है। एक जिम्मेदार नागरिक बनकर रेलवे संपत्ति की सुरक्षा एवं आम जन की हितों की रक्षा में सहभागी बनें।



