लालकुआं में अवैध नशे का कारोबार बेखौफ! हाथीखाना-बंजरी कंपनी से बिंदुखत्ता तक कच्ची शराब और चरस की बिक्री के आरोप, प्रशासन पर उठे सवाल

लालकुआं कोतवाली क्षेत्र अवैध नशे की गिरफ्त में” हाथीखाना, बंजरी कंपनी और बिन्दुखत्ता में धड़ल्ले से बिक रही कच्ची शराब और चरस की पत्ति(पात्ता) प्रशासन बेखबर।
रिपोर्टर गौरव गुप्ता
लालकुआं, कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले कई इलाके इन दिनों अवैध नशे के काले कारोबार की चपेट में हैं। हाथीखाना, बंजरी कंपनी, बंगाली कॉलोनी, वीआईपी गेट, घोड़ानाला सहित बिन्दुखत्ता क्षेत्र के दर्जनों गांवों में अवैध नशे का कारोबार तेजी से फल-फूल रहा है। हालात यह हैं कि गांवों में सरेआम अवैध शराब, गांजा और ‘चरस की पत्ति(पात्ता)’ जैसे नशीले पदार्थों की बिक्री हो रही है, लेकिन इन पर लगाम लगाने वाला कोई नहीं है।
बंजरी कंपनी और हाथीखाना क्षेत्र का सबसे बुरा हाल
स्थानीय लोगों के अनुसार, क्षेत्र में सबसे दयनीय स्थिति बंजरी कंपनी और हाथीखाना इलाकों की है। यहाँ सुबह सवेरे से ही कच्ची शराब और पात्ता की खुलेआम खरीद-फरोख्त शुरू हो जाती है। दिनभर असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगा रहने के कारण आम नागरिकों, विशेषकर महिलाओं और बच्चों का इस रास्ते से निकलना तक दूभर हो गया है।
प्रशासन और पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवाल
इलाके के लोगों का आरोप है कि पुलिस, आबकारी विभाग और स्थानीय प्रशासन की कथित मिलीभगत के चलते यह अवैध कारोबार बेखौफ चल रहा है। कार्रवाई के नाम पर केवल खानापूर्ति की जा रही है, ताकि जनता के गुस्से और विरोध को शांत किया जा सके। जानकारों का कहना है कि इस अवैध धंधे के कारण जहाँ एक ओर शासन को हर महीने लाखों रुपये के राजस्व का भारी चूना लग रहा है,तो वहीं दूसरी ओर क्षेत्र की युवा पीढ़ी नशे के दलदल में धंसकर बर्बाद हो रही है।
ग्रामीणों ने की कड़ी कार्रवाई की मांग
क्षेत्र की बिगड़ती कानून-व्यवस्था और बढ़ते नशे के कारोबार से आजिज आ चुके स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन और उच्चाधिकारियों से मांग की है कि जल्द से जल्द इन अवैध अड्डों पर ताबड़तोड़ छापेामारी की जाए। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही प्रभावी और ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो क्षेत्र की जनता उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी।






