रेलवे के खाने की गुणवत्ता पर सवाल, संगठन बोला- लागू हो ‘एक देश-एक ब्रांडेड फूड’

भारत में IRCTC/FSSAI मस्त और यात्री पट ? कानून का उल्लंघन में बढ़ते साइलेंट अपराध से ट्रेनों /रेलवे स्टेशनों पर घटियाल/ ज़हरीले खाने की बिक्री चरम सीमा पर ?
मांग: भारत के रेलवे स्टेशनों/ ट्रेनों में जहरीले और घटिया खाने पर प्रतिबंध लगाते हुए “एक देश_ एक ब्रांडेड क्वालिटी फूड”की योजना लागू हो
रिपोर्टर गगन जैन
बरेली, से जिला मुख्यालय पर भारतीय गरीब शक्ति दल के पदाधिकारीयो ने अपनी पूर्व की मांग भारत के हर न्यायालय में झूठे मुकदमों पर प्रतिबंध लगाने के लिए sit (जुडिशियल स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम “की मांग को लेकर आंदोलन किया आंदोलन में संगठन ने अपनी प्रस्तावित मांग sit के चलते क्रमिक मांग भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम(IRCTC) भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने की मांग करते हुए गरीबों का नेता मनोज विकेट ने प्राइवेट निजी फूड एजेंसी से ऑनलाइन खाने के नाम पर बड़े-बड़े टेंडर देकर मोटा पैसा कमाने और दुष्प्रभाव में भारतीय रेलवे ट्रेनों में यात्रा करने वाले यात्रियों को गंभीर बीमारियों में शिकार व मौतें होने का आरोप लगाया जिसका संगठन घोर विरोध करता है तथा अपनी भारत अपराध मुक्त हेतु पूर्व प्रस्तावित मांग भारत के सभी अदालतों में “जुडिशल स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम” के गठन की मांग की।
संगठन का इसके अभाव में आज भारतीय जेलो में दोषी अपराधियों के साथ-साथ बेगुनाह लोग भी भारी संख्या में जेलों में सलाखों के पीछे हैं यह बात सही है या गलत देश की सभी निचली अदालतों , हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में झूठे मुकदमों में दोष मुक्त हुए कैदियों /बंदियो की संख्या का सत्यापन कराकर सच्चाई को देखा जा सकता है ।
संगठन का मानना है यदि घटना की सच्चाई जानने के लिए “जुडिशल स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम “का गठन नहीं हुआ तो वह दिन दूर नहीं जब देश का हर नागरिक अपराधी के रूप कैदी और बंदी की डिग्री लेकर सजा काटने को मजबूर होगा ?
संगठन ने अपने ज्ञापन के माध्यम से अपराध बढ़ने के कारणों में देश में अशिक्षित समाज और बेरोजगारी ही नहीं बल्कि इन कारणों से अपराध को जन्म देने वाली धोखेबाज प्राइवेट निजी फूड एजेंसी भी है जो रेलवे की IRCTC और FSSAI गंभीर द्वारा लगाते हुए कर्मचारियों की सांठगांठ के चलते भारत में यात्रा करने वाले रेलवे यात्रियों से प्राइवेट निजी फूड एजेंसीया मोटा पैसा वसूलकर ऑनलाइन और फूड विक्रेताओ द्वारा घटिया एवं जहरीला खाने की बिक्री करने में जुटी है जो गंभीर बीमारियां और मौत को दावत दे रही है जहां यात्रियों से 140 रुपए प्लेट से लेकर ₹500 प्लेट तक ऑनलाइन खाना बुक करके यात्रियों लूटा जा रहा है बताते चलें भारतीय रेलवे स्टेशनों, ट्रेनों व प्रमुख बाज़ारों में zamaato (जमाटो) जैसी निजी ऑनलाइन फूड कंपनियों और अनियंत्रित वेंडरों द्वारा ऐसा घटिया /मिलावटी जहरीला खाना बड़े पैमाने पर बेचने के लिए रेलवे अफसरों पर पर मोटा पैसा देने की व्यवस्था है
संगठन ने घटिया और जहरीले खाने का तत्काल सत्यापन कर जहरीले एवं घाटिया ऑनलाइन खाने पर प्रतिबंध लगाने की मांग करते हुए भारतीय ट्रेनों और स्टेशनों पर “फूड कोच एवं रेलवे निजी फूड एजेंसी/ कैंटिनो का निर्माण कर ” एक देश_ एक ब्रांडेड क्वालिटी फूड” का कानून लागू किया जाए ताकि यात्रियों को एक समान”ब्रांडेड क्वालिटी फूड” मिल सके ज्ञापन देने वालों में संगठन प्रमुख मनोज विकेट के साथ गिरीश चंद्र सक्सेना संजीव सागर, संजय सक्सेना एडवोकेट, गगनभान जैन चमेली देवी मोरबी बहन पूजा शर्मा यतीश सहाय समेत दर्जन लोगों उपस्थित रहे।



