उत्तराखंड

लालकुआं नगर पंचायत अंतर्गत बने सौ आवास में किराया बढ़ोतरी पर हंगामा

लालकुआं नगर पंचायत अंतर्गत बने सौ आवास में किराया बढ़ोतरी पर हंगामा — किरायेदारों ने नगर पंचायत में किया धरना, चेयरमैन लोटनी का घेराव।

रिपोर्टर गौरव गुप्ता। लालकुआँ

लालकुआं केंद्र सरकार की योजना के तहत बने आवासों का किराया ₹500 से बढ़ाकर ₹1000 किए जाने के फैसले के बाद सोमवार को किरायेदारों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। नगर पंचायत कार्यालय में जमकर हंगामा हुआ और आवासों में रहने वाले लोगों ने नगर पंचायत अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह लोटनी का घेराव कर पुराना किराया बहाल करने की मांग की।

किरायेदारों का आरोप — दोगुना किराया गरीब परिवारों पर बोझ

केंद्र सरकार की योजना के अंतर्गत बने 100 कमरों के अधिकांश किरायेदार नगर पंचायत कार्यालय पहुंचे और नए किराए को “अनुचित, मनमाना व बोझिल” बताते हुए धरने पर बैठ गए। उनका कहना है कि बिना किसी परामर्श के अचानक किराया दोगुना कर दिया गया, जो आर्थिक रूप से कमजोर परिवार वहन नहीं कर सकते।

EO का बयान — अनुबंध में तय थी 25% किराया बढ़ोतरी

नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी ईश्वर सिंह रावत ने बताया कि किरायेदारों के साथ किए गए तीन वर्षीय अनुबंध में हर चक्र में 25% किराया बढ़ोतरी का प्रावधान पहले से शामिल है। स्वच्छता, रखरखाव एवं मेंटेनेंस लागत बढ़ने के कारण यह समायोजन किया गया है।

उन्होंने बताया कि नगर पंचायत अब 25% बढ़ोतरी के आधार पर ₹625 प्रति माह किराया तीन वर्ष के नए अनुबंध के तहत निर्धारित करेगी। सभी लोग स्वच्छता और रखरखाव में सहयोग करें।”

अध्यक्ष ने दिया आश्वासन — अगली बोर्ड बैठक में रखेंगे प्रस्ताव

नगर पंचायत अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह लोटनी ने बताया कि प्रतिनिधिमंडल उनके पास आया और उसने पूर्ववत किराया बहाल करने की मांग रखी।

उन्होंने कहा कि वह इस विषय पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करेंगे मामला अगली बोर्ड बैठक में प्रस्ताव के रूप में रखा जाएगा।25% बढ़ोतरी वाले प्रावधान की भी पुनः समीक्षा की जाएगी।कुछ अत्यंत गरीब परिवार ₹500 किराया देने में भी असमर्थ हैं, ऐसे मामलों पर भी गंभीरता से विचार होगा।

99 परिवार रह रहे हैं आवास में

केंद्र सरकार के सहयोग से लालकुआं नगर पंचायत क्षेत्र में बने 100 आवासीय कमरों में वर्तमान में 99 परिवार निवास कर रहे हैं। किराया बढ़ोतरी को लेकर दोनों पक्षों के बीच असहमति बनी हुई है। उम्मीद है कि बोर्ड बैठक में इस विवाद पर अंतिम निर्णय लिया जा सकता है।

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