
उत्तराखंड में अगले साल यानि 2022 में विधानसभा के चुनाव होने हैं। सभी प्रमुख राजनीतिक दलों ने इसके लिए अभी से तैयारी भी शुरू कर दी है। वहीं भाजपा में अंदरूनी कलह समाप्त होने का नाम नहीं ले रही है। रायपुर विधानसभा पर चुनावों से पहले ही घमासान शुरू हो गया है।
दरअसल 4 सितंबर को रायपुर डिग्री कॉलेज में मुख्यमंत्री के कार्यक्रम से पहले भाजपा कार्यकर्ताओं और भाजपा विधायक के बीच भिड़ंत का मामला शांत होने का नाम नहीं ले रहा है,भाजपा ने जहां मामले की जांच शुरू कर दी है। वहीं विधायक के खिलाफ कार्यकर्ताओं में आक्रोश बढ़ गया है।
भाजपा कार्यकर्ताओं के द्वारा आज रायपुर विधानसभा के मालदेवता में महापंचायत का आयोजन किया गया। जिसमें भाजपा कार्यकर्ताओं ने पार्टी से उमेश शर्मा काऊ को निष्कासित करने की मांग की तो आर एस एस के पदाधिकारी के द्वारा विधायक को पार्टी से किक आउट तक कहीं जाने की बात कही गयी है।
विधानसभा चुनाव 2022 भले ही अभी दूर है। लेकिन एक विधानसभा ऐसी है, जहां पर अभी से घमासान शुरू हो गया है।यह घमासान दो पार्टियों के बीच नहीं बल्कि एक ही पार्टी के विधायक और कार्यकर्ताओं के बीच है। 2017 विधानसभा चुनाव में सबसे बड़े अंतर से जीतने वाले भाजपा विधायक उमेश शर्मा काऊ से भाजपा कार्यकर्ता ही नाराज हैं। दोनों तरफ से आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। जिसके कारण रायपुर विधानसभा में अब टेंशन लगातार बढ़ती जा रही है।
रायपुर विधानसभा के मालदेवता स्थित शिव मंदिर पर हुई इस बैठक में भाजपा के कई बड़े और वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहे। इस बैठक में तकरीबन 350 से लेकर 400 लोग शामिल हुए। भाजपा के इन कार्यकर्ताओं का विधायक पर आरोप है कि उमेश शर्मा काऊ कांग्रेस से दल बदल कर आये हैं। उन्होंने भाजपा के टिकट पर चुनाव जीता है। उमेश शर्मा काऊ पहले दिन से ही अपनी जीत को खुद की मेहनत बताते हैं। वे भारतीय जनता पार्टी और पार्टी के कार्यकर्ताओं को बिल्कुल भी सम्मान नहीं देते हैं।
वही विधायक उमेश शर्मा काऊ का कहना है कि यह पार्टी का मामला है और पार्टी इस मामले को लेकर जांच भी कर रही है। जहां तक महापंचायत की बात है तो उनकी विधानसभा के लोग उनके साथ खड़े हैं और कई जनप्रतिनिधि उनके साथ जब महापंचायत चल रही थी उस समय में कार्यक्रम में भी मौजूद थे। जबकि महापंचायत में शामिल होने वाले आधे लोग दूसरी विधानसभा के हैं।
रायपुर विधानसभा में अब भाजपा कार्यकर्ता खुलकर उमेश शर्मा काऊ के खिलाफ आ गये हैं। जिसके कारण उमेश शर्मा काऊ पर भाजपा से अलग होने का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है.म। यह बात केवल एक विधायक उमेश शर्मा काऊ की नहीं बल्कि उनके साथ उनका पूरा 9 विधायकों का ग्रुप है, जिसमें कद्दावर नेता हरक सिंह रावत भी मौजूद हैं।
लिहाजा तनाव लगातार बढ़ रहा है। जिससे कारण जल्द ही प्रदेश में कोई बड़ा घटनाक्रम भी देखने को मिल सकता है। वहीं, बैठक में भाजपा नेता मदन सिंह चौहान, सुरेंद्र पुंडीर, कलम सिंह रावत, वीर सिंह चौहान के अलावा इतवार रमोला भी मौजूद रहें।


