पटवारी के साथ पुलिस की कथित मारपीट का मामला गरमाया, डॉ. अम्बेडकर समिति ने एडीएम को सौंपा ज्ञापन

पटवारी के साथ पुलिस की कथित मारपीट का मामला गरमाया, डॉ. अम्बेडकर समिति ने एडीएम को सौंपा ज्ञापन
दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और निष्पक्ष जांच की मांग
रिपोर्टर गौरव गुप्ता
सूरतगढ़ (श्रीगंगानगर)। पीलीबंगा तहसील के राजस्व पटवारी देवीलाल के साथ पुलिस थाने में हुई कथित मारपीट और दुर्व्यवहार के मामले में डॉ. अम्बेडकर अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण समिति (एस.टी.पी.एस.), सूरतगढ़ ने मोर्चा खोल दिया है। सोमवार, 26 अक्टूबर को समिति के पदाधिकारियों ने अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट (एडीएम), सूरतगढ़ के माध्यम से जिला कलक्टर, श्रीगंगानगर के नाम एक ज्ञापन सौंपकर प्रकरण की निष्पक्ष जांच और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
ज्ञापन में बताया गया कि 24 अक्टूबर को पीलीबंगा तहसील में कार्यरत पटवारी देवीलाल अपनी पत्नी को चिकित्सकीय जांच के लिए सूरतगढ़ ला रहे थे। इसी दौरान हेलमेट न पहनने के मामले में पुलिस उन्हें थाने ले गई। आरोप है कि थाने में पुलिसकर्मियों ने पटवारी के साथ अभद्र व्यवहार और मारपीट की।
समिति के अध्यक्ष बलीराम मेघवाल के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में प्रशासन से मांग की गई है कि संबंधित पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों की भूमिका की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच करवाई जाए। समिति ने स्पष्ट किया कि आरोप सिद्ध होने पर दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाए ताकि पीड़ित को न्याय मिल सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
ज्ञापन सौंपने वाले प्रतिनिधिमंडल में समिति अध्यक्ष बलीराम मेघवाल के साथ परमेश्वर लाल, पतराम चालिया, साहब राम, पूरणमल, अमरजीत सोलंकी, रोहतास करेला सहित कई तकनीकी कर्मचारी मौजूद रहे।
पोर्टल या सोशल मीडिया के लिए संक्षिप्त प्रारूप (शॉर्ट न्यूज़)
सूरतगढ़: पीलीबंगा के पटवारी देवीलाल के साथ पुलिस थाने में हुई कथित मारपीट के विरोध में डॉ. अम्बेडकर अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण समिति (एस.टी.पी.एस.) ने सोमवार को एडीएम के माध्यम से जिला कलक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा। 24 अक्टूबर को पत्नी के इलाज के लिए सूरतगढ़ आ रहे पटवारी को बिना हेलमेट के चलते थाने ले जाकर मारपीट व दुर्व्यवहार करने का आरोप है।
समिति अध्यक्ष बलीराम मेघवाल के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषी पुलिसकर्मियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। इस दौरान परमेश्वर लाल, पतराम चालिया, साहब राम, पूरणमल, अमरजीत सोलंकी और रोहतास करेला सहित अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।




