लालकुआं नगर पंचायत में वित्तीय अनियमितताओं की जांच 5 महीने से अधर में, समाजसेवी ने CM पोर्टल पर उठाए सवाल

रिपोर्टर गौरव गुप्ता
लालकुआं नगर पंचायत में वित्तीय अनियमितताओं की जांच 5 महीने बाद भी अधर में” समाजसेवी ने सीएम पोर्टल पर की शिकायत
डीएम के आदेश के बावजूद 15 दिन में पूरी होने वाली जांच का अब तक पता नहीं”डस्टबिन खरीद, शौचालय पुनर्निर्माण और अलाव लकड़ी खर्च में ‘बंदरबांट’ के आरोप “राजनीतिक दबाव में जांच दबाने की आशंका, सभासदों की मांग भी हुई अनसुनी।
लालकुआं नगर पंचायत में कथित वित्तीय अनियमितताओं का मामला एक बार फिर गरमा गया है। जिलाधिकारी नैनीताल द्वारा जांच के स्पष्ट आदेश दिए जाने के बावजूद पांच महीने बीत जाने पर भी न तो जांच सार्वजनिक की गई है और न ही दोषियों पर कोई कार्रवाई हुई है। इस ढुलमुल रवैये पर कड़ा ऐतराज जताते हुए नगर के समाजसेवी मुकेश कुमार ने मुख्यमंत्री पोर्टल में शिकायत दर्ज कराई है और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार स्थानीय लोगों की शिकायत पर बीती 5 मई को नैनीताल के जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने हल्द्वानी नगर मजिस्ट्रेट (सिटी मजिस्ट्रेट) को एक आदेश जारी किया था।
इस आदेश में नगर पंचायत द्वारा खरीदे गए डस्टबिनों, शौचालय पुनर्निर्माण कार्य, छठ पूजा स्थल निर्माण और सर्दियों में अलाव के लिए खरीदी गई लकड़ी के खर्च से जुड़े तथ्यों और साक्ष्यों की जांच के निर्देश दिए गए थे। आदेश में स्पष्ट कहा गया था कि जांच प्रक्रिया 15 दिनों के भीतर पूरी की जाए।लेकिन दिए आदेश को पांच महीने बीत गये है जांच भी अधर में लटकी हुई है।
सरकारी पैसे की हो रही बंदरबांट
समाजसेवी मुकेश कुमार ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि जांच के आदेश जारी हुए आज पूरे पांच महीने बीत चुके है लेकिन न तो जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की गई और न ही किसी जिम्मेदार पर कोई कार्रवाई हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक दबाव के चलते इस जांच को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है। उन्होंने कहा कि नगर पंचायत में निर्माण कार्यों और खरीदारी के नाम पर सरकारी धन की जमकर बंदरबांट की जा रही है, जिससे सरकारी खजाने को भारी नुकसान पहुंच रहा है।
सभासदों की शिकायत भी ठंडे बस्ते में
उन्होंने यह भी उजागर किया कि इससे पूर्व नगर पंचायत के चार सभासद भी प्रशासन को लिखित में शिकायत देकर जांच की गुहार लगा चुके हैं, लेकिन जनप्रतिनिधियों के शिकायती पत्र पर भी कोई संज्ञान नहीं लिया गया। समाजसेवी ने पूरे मामले की पारदर्शी व निष्पक्ष जांच करवाकर सरकारी धन का दुरुपयोग करने वाले दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।





