वोटर लिस्ट पर सियासत तेज: कांग्रेस ने फर्जी आपत्तियों का लगाया आरोप, प्रशासन को आंदोलन की चेतावनी

रिपोर्ट गौरव गुप्ता।
लालकुआं- नगर कांग्रेस कमेटी लालकुआं ने मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान बड़े पैमाने पर दर्ज की जा रही आपत्तियों पर गहरा असंतोष व्यक्त किया है। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि एक सोची-समझी राजनीतिक साजिश के तहत मतदाता सूची से वैध मतदाताओं के नाम कटवाने का प्रयास किया जा रहा है। इस संबंध में बुधवार को नगर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष भुवन पांडे के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने उप जिलाधिकारी/निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (E.R.O.) को एक औपचारिक मांग पत्र सौंपा।
राजनीतिक द्वेष के तहत दर्ज हो रही हैं आपत्तियां
सौंपे गए ज्ञापन में कांग्रेस नेताओं ने कहा कि निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार वर्तमान में लालकुआं विधानसभा क्षेत्र में ‘स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन’ (S.I.R.) के अंतर्गत मतदाता सूची का पुनरीक्षण और सत्यापन कार्य चल रहा है। इस प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची को पारदर्शी और त्रुटिहीन बनाना है।
परंतु, कांग्रेस का आरोप है कि इस प्रक्रिया की आड़ में बड़ी संख्या में फर्जी और तथ्यहीन आपत्तियां दर्ज कराई जा रही हैं। ज्ञापन के अनुसार, अधिकतर मामलों में एक ही व्यक्ति द्वारा कई-कई वैध मतदाताओं के नामों के विरुद्ध शिकायतें दर्ज कराई गई हैं। कांग्रेस ने सीधे तौर पर सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से जुड़े लोगों पर इस गड़बड़ी को अंजाम देने का आरोप लगाया है।
रिप्रजेंटेशन ऑफ द पीपल एक्ट’ के तहत कार्रवाई की मांग – भुवन पांडे
नगर कांग्रेस अध्यक्ष भुवन पांडे ने निर्वाचन अधिकारी से मांग की है कि S.I.R. के दौरान प्राप्त होने वाली प्रत्येक आपत्ति की निष्पक्ष, गहन और तथ्यात्मक जांच की जाए। किसी भी मतदाता का नाम केवल निराधार या राजनीतिक द्वेष से प्रेरित आपत्तियों के आधार पर सूची से न हटाया जाए।
कांग्रेस ने मांग की है कि जो लोग जानबूझकर झूठी, तथ्यहीन और भ्रामक आपत्तियां दर्ज करा रहे हैं, उन्हें चिन्हित किया जाए। ऐसे तत्वों के खिलाफ ‘रिप्रजेंटेशन ऑफ द पीपल एक्ट, 1950’ (Representation of the People Act, 1950) की धारा 31 तथा अन्य कानूनी प्रावधानों के तहत सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाए। गौरतलब है कि इस धारा के अंतर्गत झूठी घोषणा (False Declaration) करने पर एक वर्ष तक के कारावास, जुर्माने या दोनों का प्रावधान है।
जनता के वोटिंग अधिकार पर हमला बर्दाश्त नहीं हेमवती नंदन दुर्गापाल
ज्ञापन सौंपने के दौरान कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हेमवती नंदन दुर्गापाल ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा, “सत्तारूढ़ दल चुनाव हारने के डर से अब ओछी राजनीति पर उतर आया है। सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग करके गरीब, शोषित और हमारे पारंपरिक मतदाताओं के नाम काटने का सुनियोजित खेल खेला जा रहा है। किसी भी भारतीय नागरिक के संवैधानिक और वोटिंग अधिकार पर यह सीधा हमला है। कांग्रेस हर एक वैध मतदाता के हक के लिए सड़क से लेकर न्यायालय तक लड़ाई लड़ेगी। हम प्रशासन को सचेत करते हैं कि बिना जमीनी सत्यापन के एक भी नाम काटा गया, तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
लोकतंत्र की जड़ों को कमजोर करने का प्रयास: मोहन कुड़ाई
इस मामले पर तीखा प्रहार करते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मोहन कुड़ाई ने कहा, “विपक्षी मतदाताओं के नाम कटवाने की यह साजिश सीधे तौर पर लोकतंत्र की जड़ों को कमजोर करने का प्रयास है। जनता की आवाज को दबाने के लिए इस प्रकार के हथकंडे अपनाए जा रहे हैं। निर्वाचन विभाग को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि किसी भी निर्दोष और वैध मतदाता का नाम राजनीतिक दबाव में आकर न काटा जाए। यदि प्रशासनिक स्तर पर कोई भी पक्षपात हुआ, तो कांग्रेस चुप नहीं बैठेगी और इसके खिलाफ बड़े पैमाने पर जन-आंदोलन खड़ा किया जाएगा।
सार्वजनिक नोटिस जारी करने की मांग
कांग्रेस ने प्रशासन से मांग की है कि इस संबंध में एक स्पष्ट सार्वजनिक नोटिस या विज्ञप्ति जारी की जाए। सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से आम नागरिकों को जागरूक किया जाए कि जानबूझकर झूठी आपत्ति दर्ज करना एक गंभीर कानूनी अपराध है। इससे न केवल अधिकारियों को चुनावी प्रक्रिया पूरी करने में मदद मिलेगी, बल्कि निर्वाचन प्रणाली पर जनता का विश्वास भी बना रहेगा।
प्रतिनिधिमंडल में ये रहे शामिल
ज्ञापन सौंपने वाले प्रतिनिधिमंडल में मुख्य रूप से नगर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष भुवन पांडे, पी.सी.सी. सदस्य डॉ. केदार पलड़िया, कुंदन मेहता, विशाल झा, हेमंत पांडे, नरेश चौधरी, हेमवती नंदन दुर्गापाल, साजिद सिद्दीकी, प्रदीप बठ्याल, बसंत जोशी, पूजा रावत, मनोज सिंह, भुवन सिंह मेहता सहित दर्जनों कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।



