लालकुआं में सट्टा और नशे को लेकर हंगामा, पुलिस-प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग

लालकुआं के हाथीखाना और बजरी कंपनी क्षेत्र में अवैध सट्टे व गंजे का जाल, स्थानीय निवासियों में रोष
रिपोर्टर गौरव गुप्ता
लालकुआं, शहर के हाथीखाना और बजरी कंपनी क्षेत्र में इन दिनों अवैध गतिविधियों की रोकथाम को लेकर स्थानीय लोगों की चिंताएं बढ़ गई हैं। स्थानीय नागरिकों के अनुसार, इन घनी आबादी वाले इलाकों में अवैध सट्टा खाईबाड़ी और गांजे की बिक्री की गतिविधियां लगातार पैर पसार रही हैं, जिससे क्षेत्र का माहौल प्रभावित हो रहा है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि शाम ढलते ही कुछ चिन्हित स्थानों पर संदिग्ध तत्वों का जमावड़ा शुरू हो जाता है। अवैध सट्टेबाजी के चक्कर में कई दैनिक मजदूर और युवा अपनी गाढ़ी कमाई गंवा रहे हैं, जिससे उनके परिवारों पर आर्थिक संकट गहरा रहा है। वहीं, गांजे जैसे मादक पदार्थों की सहज उपलब्धता के चलते युवाओं और किशोरों के नशे की गिरफ्त में फंसने की आशंका बनी हुई है।
परेशानियों के प्रमुख बिंदु:
युवाओं पर असर: क्षेत्र के छात्र व युवा वर्ग के भटकाव का खतरा लगातार बढ़ रहा है।
असुरक्षा का माहौल: देर शाम संदिग्ध आवाजाही के कारण मुख्य मार्गों और गलियों से गुजरने वाली महिलाओं व बुजुर्गों में असहजता का माहौल रहता है।
सामाजिक तनाव: सट्टे और नशे के चलते बस्तियों में आए दिन होने वाले विवादों से शांति व्यवस्था प्रभावित हो रही है।

क्षेत्रवासियों ने स्थानीय पुलिस व प्रशासन से मांग की है कि हाथीखाना और बजरी कंपनी क्षेत्र में रात्रि गश्त बढ़ाई जाए तथा नशा तस्करी और सट्टे के अवैध नेटवर्क से जुड़े तत्वों के खिलाफ सख्त अभियान चलाकर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।



