उत्तराखंडराजनीति

बिंदुखत्ता की निर्णायक हुंकार—हजारों की ऐतिहासिक महारैली ने सरकार को दी सीधी चेतावनी

रिपोर्टर गौरव गुप्ता : बिंदुखत्ता की निर्णायक हुंकार—हजारों की ऐतिहासिक महारैली ने सरकार को दी सीधी चेतावनी, जल्द राजस्व गांव की अधिसूचना जारी न किए जाने पर किया आर-पार के संघर्ष का ऐलान”सड़कों पर गुंजा एक ही नारा हमें चाहिए राजस्व गाँव।

 

रिपोर्टर : लालकुआँ/लालकुआँ के बिन्दुखत्ता को राजस्व गांव का दर्जा दिलाने की वर्षों पुरानी मांग ने बुधवार को जनज्वार का रूप ले लिया। हजारों लोगों की मौजूदगी में निकली ऐतिहासिक महारैली ने साफ संकेत दे दिया कि अब यह आंदोलन निर्णायक चरण में प्रवेश कर चुका है। जनसैलाब ने एक स्वर में राजस्व गांव की अधिसूचना जारी करने की मांग दोहराई और सरकार को शीघ्र निर्णय लेने की चेतावनी दी।

रैली के समापन पर प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल को ज्ञापन सौंपा और तत्काल अधिसूचना जारी करने की मांग रखी।

इस मौके पर पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि बिंदुखत्ता की जनता दशकों से अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रही है। अब सरकार को जनभावनाओं का सम्मान करते हुए तुरंत राजस्व गांव की अधिसूचना जारी करनी चाहिए। जनता की आवाज को अनसुना करना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ होगा।

पूर्व कैबिनेट मंत्री हरीश चन्द्र दुर्गापाल ने सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए कहा यदि शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो यह आंदोलन और व्यापक रूप लेगा। बिंदुखत्ता के विकास और हक की लड़ाई को हम अंजाम तक पहुंचाकर रहेंगे। अब टालमटोल नहीं चलेगी।

वही वरिष्ठ कांग्रेस नेता हरेन्द्र बोरा ने कहा”राजस्व गांव का दर्जा मिलते ही भूमि, पट्टों और मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं का स्थायी समाधान संभव होगा। यह केवल प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय का प्रश्न है।”

वही महिलानेत्री संध्या डालाकोटि ने सरकार को सीधे चेतावनी देते हुए कहा”बिंदुखत्ता के लोगों को वर्षों से अधिकारों से वंचित रखा गया है। यदि सरकार ने जल्द अधिसूचना जारी नहीं की तो सड़क से सदन तक संघर्ष तेज होगा। जनता अब प्रतीक्षा नहीं, निर्णय चाहती है।

इधर समिति के अध्यक्ष कुंदन मेहता ने हुंकार भरते हुए ऐलान किया जब तक राजस्व गांव की अधिसूचना जारी नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। यह लड़ाई अब निर्णायक मोड़ पर है—या अधिकार मिलेगा, या संघर्ष और तेज होगा।

इधर युवा काग्रेंस नेता नितिन पंत जी ने कहा कि सरकार गरीबों के हक को छिना चाहती है सरकार गरीब मजदूरों के लोक तंत्रिक अधिकारों को छिन रही है उन्होंने कहा कि सरकार में अगर जरा सी नैतिकता है तो वह बिन्दुखत्ता को तुरंत राजस्व गाँव घोषित करें उन्होंने कहा कि वह बिन्दुखत्ता की इस लडाई में जनता के साथ है चाहे वो लड़ाई सड़क की हो य फिर संदन की दोनों जगह उनके साथ है।

इधर जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने कहा कि प्राप्त ज्ञापन को आज ही शासन को प्रेषित किया जाएगा और शासन से मिले निर्देशों के अनुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

वही महारैली के दौरान पूरे क्षेत्र में जोश, अनुशासन और एकजुटता का अभूतपूर्व दृश्य देखने को मिला। प्रशासन की मुस्तैदी के बीच कार्यक्रम शांतिपूर्वक संपन्न हुआ।अब बिंदुखत्ता की निगाहें सरकार के फैसले पर टिकी हैं। जनता ने स्पष्ट कर दिया है—यह आंदोलन अब प्रतीक्षा नहीं, परिणाम चाहता है।

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