उत्तर प्रदेश

भारत में “अपराध” और “खेल चक्र” का जटिल संबंध, दुष्प्रभाव :गरीब खेलों से वंचित…

भारत में “अपराध” और “खेल चक्र” का जटिल संबंध, दुष्प्रभाव :गरीब खेलों से वंचित…..
मांग_ भारत में खेल चक्र( क्रिकेट बैडमिंटन फुटबॉल) आदि में गरीबों को निःशुल्क एक देश _एक समान ग्राम शिक्षा खेल एकेडमी की स्थापना हो

बरेली से एक बड़ी खबर
आज गरीब शक्ति दल के पदाधिकारी ने मनोज विकट के नेतृत्व में देश में बच्चों और युवाओं (बेरोजगार) का खाली दिमाग शैतान का घर बना हुआ है बताते हुए कहा कि विदेशी मुल्कों में बाल्यावस्था से युवावस्था तक बच्चों को सरकारें आर्थिक एवं भरण पोषण खेलकूद की शिक्षा का खर्चा उठाती है लेकिन भारत में नवजात शिशु से युवावस्था तक शिक्षा, भरण पोषण और खेलकूद की शिक्षा का खर्चा उठाने में भारत की राज्य सरकारे नाकाम साबित हो रही है जो भारत के संविधान की सातवीं अनुसूची की प्रविष्टि 33 और अनुच्छेद 21घोर उल्लंघन है तथा इन्हीं कारणों का दुष्प्रभाव भारत में अशिक्षित समाज की स्थापना तथा बेरोजगार युवाओं में रहते अपराध चरम सीमा पर बढ़ रहा है संगठन चुनौती देते हुए कहा कि देश में युवा अपने भविष्य का निर्माण अपराध जगत में देश की आजादी 1947 ई के बाद से राज्य सरकारों की लापरवाही और संवैधानिक उल्लंघन कार्यप्रणाली के चलते खेलकूद मंत्रालय लाखों करोड़ रुपए का घोटाला आज तक कर चुका है।

इसके दुष्प्रभाव के कारण युवा रोजगार ,शिक्षा और खेलकूद शिक्षा अभाव में भारत के ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र में गरीब तबके के लोग अपराधी बन चुके हैं तथा एक दोषी के साथ दो निर्दोष भी जेल में सलाखों के पीछे हैं जिसको कारण आज भारतीय जिले बनी हुई है संगठन ने भारत के सभी 802 जिले में न्यायिक स्तर पर sit (स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम )का गठन की मांग की है संगठन ने क्रमिक मांग में भारत में अपराध बढ़ने के कारणों में देश की आजादी की बाद से खेल चक्र (खेल बजट)में बड़े-बड़े घोटाले होने और भेदभाव के चलते आज भारत में धनाढ्य बच्चे ही पारंपरिक या मैदानी खेल (Traditional &Outdoor Games), आधुनिक लोकप्रिय खेल(Modern &popular sports), इंडोर खेल(Indoor Games), माइंड स्पोर्ट्स और इनडोर खेल (Mind sports &Indoor Games) के अंतर्गत भारत में क्रिकेट, वॉलीबॉल, फुटबॉल और हॉकी जैसे बड़े-बड़े 20 खेलों में अपना नाम रोशन कर रहे हैं।

गरीब युवा बच्चे अपनी गरीबी हालात के कारण खेलों से वंचित हैं के चलते मौका राज्य एवं राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलों में खिलाड़ी बनने का नहीं मिल पा रहा है राष्ट्रीय एवं राज्य स्तर पर खेलों में गरीब खिलाड़ियों का अभाव को देखते हुए संगठन भारत में अपराध बढ़ने का बड़ा कारण मानता है।

इस प्रकार भारत में खेल चक्र गरीब बच्चों के लिए खाई बना हुआ है जबकि खेल मंत्रालय एवं भारत सरकार द्वारा देश की आजादी से के बाद से प्रतिवर्ष लाखों करोड़ रुपए का बजट पास होने की व्यवस्था है।

संगठन ने कहा वर्ष 2026_ 27 के लिए खेल बजट 4,4,79, 88 करोड रुपए पास होने की सूचना है लेकिन भारत में खेल चक्र एवं खेल बजट मैं इस बार भी गरीब बच्चों एवं युवाओं के खिलाड़ी बनने और खेल शिक्षा एकेडमी की स्थापना नहीं हो पाएगी संगठन भारत के हर ग्राम एवं शहरी क्षेत्र में गरीब बच्चों के लिए भारत सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त एक देश _एक समान खेल शिक्षा एकेडमी की स्थापना की मांग करता है मांग पत्र देने वालों में मनोज विकेट गिरीश चंद्र सक्सेना , संजीव सागर चमेली देवी ,मोहम्मद अली समेत दर्जनों लोग उपस्थित रहे।

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