किच्छा में गरमाई सियासत, वरिष्ठ भाजपा नेता राजीव सक्सेना के तीखे तेवर

किच्छा में गरमाई सियासत, वरिष्ठ भाजपा नेता राजीव सक्सेना के तीखे तेवर, 14 अगस्त के प्रकरण में पुलिस पर लगाए बड़े नेता के दबाव में कार्यवाई करने के आरोप।
रिपोर्टर गौरव गुप्ता। किच्छा
ऊधम सिंह नगर जिले के किच्छा विधानसभा क्षेत्र से एक बेहद सनसनीखेज और बड़ा राजनीतिक मामला सामने आया है। यहाँ किच्छा के वरिष्ठ भाजपा नेता और कद्दावर छवि वाले राजीव सक्सेना ने एक प्रेसवार्ता के दौरान अपनी ही पार्टी के एक रसूखदार नेता पर गंभीर और तीखे आरोप लगाए हैं। इस खुलासे के बाद से तराई क्षेत्र से लेकर राज्यभर के राजनीतिक गलियारों में खलबली मच गई है।
क्या है 14 अगस्त का पूरा प्रकरण
भाजपा नेता राजीव सक्सेना ने प्रेसवार्ता में खुलासा करते हुए बताया कि 14 अगस्त को क्षेत्र में घटे एक विशेष घटनाक्रम और विवाद के दौरान स्थानीय पुलिस प्रशासन ने पूरी तरह से एकपक्षीय और पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाया। उन्होंने सीधे तौर पर आरोप लगाया कि पुलिस ने किसी भी निष्पक्ष जांच या कानून के पालन करने के बजाय पार्टी के ही एक बड़े और प्रभावशाली नेता के भारी दबाव में आकर अनुचित कार्रवाई की है।
इधर भाजपा नेता राजीव सक्सेना के इन बयानों से यह साफ हो गया है कि किच्छा भाजपा संगठन के भीतर अंदरखाने सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है और वर्चस्व की लड़ाई अब खुलकर सतह पर आने लगी है।
प्रेसवार्ता में बड़े खुलासे पुलिस कार्यशैली पर बड़े सवाल
वरिष्ठ नेता राजीव सक्सेना ने पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल उठाते हुए कहा कि यदि सत्ताधारी दल के ही नेताओं के दबाव में पुलिस काम करेगी, तो आम जनता और कार्यकर्ताओं का न्याय से भरोसा उठ जाएगा।
संगठन के भीतर आंतरिक कलह बेनकाब
इस प्रेसवार्ता के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि किच्छा भाजपा संगठन के भीतर आपसी खींचतान और गुटबाजी चरम सीमा पर पहुंच चुकी है,जहां अपने ही अपनों पर गंभीर आरोप मढ़ रहे हैं।
प्रशासनिक हलकों में खलबली
वरिष्ठ भाजपा नेता राजीव सक्सेना द्वारा पुलिस पर सीधा दबाव का आरोप लगाए जाने के बाद प्रशासनिक अमले में भी हड़कंप मच गया है कि आखिर वह बड़ा नेता कौन है जिसके इशारे पर पुलिस ने कार्रवाई को अंजाम दिया।
विपक्ष की पैनी नजर
इस पूरे घटनाक्रम से विपक्षी दलों को भी बैठे-बिठाए बड़ा मुद्दा मिल गया है और वे लगातार इस मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग उठाने की तैयारी में हैं।
विशेष टिपणी
राजीव सक्सेना द्वारा 14 अगस्त के प्रकरण पर किए गए इस खुलासे ने किच्छा की राजनीति में एक नया भूचाल ला दिया है। आने वाले दिनों में यह देखना बेहद दिलचस्प होगा कि संगठन इस मामले में क्या रुख अपनाता है और क्या उस तथाकथित ‘बड़े नेता’ के नाम का खुलासा भी जल्द सामने आएगा या नहीं।



