
देहरादून/उत्तराखंड।
एक सप्ताह के सांकेतिक विरोध प्रदर्शन के बावजूद भी सरकार द्वारा आयुर्वेदिक डॉक्टरों की मांगों पर लिखित सकारात्मक जवाब न दिए जाने से आक्रोशित प्रदेश के सभी आयुर्वेदिक डॉक्टरों द्वारा आयुर्वेदिक एवं यूनानी निदेशालय में अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन करने लिए अपने अपने जिलों से देहरादून कूच कर दिया गया है।
स्टेट मीडिया कोर्डिनेटर डॉ० डी० सी० पसबोला ने कहा कि शासन को आयुर्वेदिक डॉक्टरों की मांगों पर सकारात्मक निर्णय हेतु एक सप्ताह का समय दिया गया था। जिस दौरान आयुर्वेदिक डॉक्टरों द्वारा काली पट्टी बांधकर सांकेतिक विरोध एवं कार्यबहिष्कार किया गया था।
इस दौरान शासन द्वारा संघ के पदाधिकारियों को वार्ता हेतु भी बुलाया गया था लेकिन वार्ता के कुछ दिनों बाद भी अभी तक आयुर्वेदिक डॉक्टरों की मांगों पर कोई भी सकारात्मक निर्णय न लिए जाने से आयुर्वेदिक डॉक्टरों के सब्र का बांध टूट चुका है। जिससे कि प्रदेश के विभिन्न जिलों से सभी आयुर्वेदिक डॉक्टरों को आयुर्वेदिक निदेशालय में प्रस्तावित धरना प्रदर्शन करने के लिए देहरादून कूच करना पड़ रहा है। जिससे कि आयुर्वेदिक चिकित्सालयों में मरीजों के उपचार व्यवस्था अनिश्चितकाल के लिए ठप्प पड़ जाएगी। जिससे की मरीजों को होने वाली असुविधा के लिए राज्य सरकार जिम्मेदार होगी।
संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ नीरज कोहली एवं महासचिव डॉ हरदेव रावत द्वारा बताया गया कि सभी जिलों से आयुर्वेदिक डॉक्टरों का देहरादून पहुंचना शुरू हो गया है, कल सोमवार को निदेशालय में प्रस्तावित धरना प्रदर्शन शुरू हो जाएगा।




