उत्तराखंड

रामलीला में आधुनिक तकनीक का रोमांच, ‘घस्यारी’ का ट्रेलर लॉन्च; अभिनेत्री नेहा सक्सेना हुईं सम्मानित…

देहरादून : 19 अक्टूबर 2026,

‘साहित्य एवं फिल्म दिवस’ पर सजा ‘भव्य रामलीला महोत्सव–2026’ का नवम दिवस; लेज़र की बिजली, आकाश मार्ग से राम–रावण का भीषण युद्ध, डिजिटल अग्नि परीक्षा तथा मेघनाथ, कुंभकर्ण एवं रावण वध का हुआ भव्य मंचन

80 फीट का LED एवं लेज़र युक्त रावण बनेगा आकर्षण का केंद्र, उत्तराखंड में पहली बार होगा LED-लेज़र तकनीक से रावण दहन!

देहरादून। श्री रामकृष्ण लीला समिति टिहरी 1952, देहरादून (पंजीकृत) द्वारा श्री गुरु नानक मैदान, रेसकोर्स में आयोजित उत्तराखंड की ऐतिहासिक ‘भव्य रामलीला महोत्सव–2026’ के नवम दिवस को ‘साहित्य एवं फिल्म दिवस’ के रूप में मनाया गया। इस अवसर पर बॉलीवुड एवं दक्षिण भारतीय फिल्मों की अभिनेत्री नेहा सक्सेना सहित फिल्म जगत से जुड़ी प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया। उत्तराखंड की लोकसंस्कृति, साहित्य, स्थानीय कलाकारों और क्षेत्रीय सिनेमा को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से लोककलाओं एवं सांस्कृतिक विरासत पर आधारित फिल्मों को मंच प्रदान किया गया। इसी क्रम में उत्तराखंड के लोकजीवन और संस्कृति को दर्शाने वाली फिल्म ‘घस्यारी’ का ट्रेलर भी लॉन्च किया गया। इस पहल का उद्देश्य साहित्य, लोककला और सिनेमा के माध्यम से उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान को व्यापक मंच देना तथा स्थानीय कलाकारों, साहित्यकारों और फिल्म निर्माताओं को प्रोत्साहित करना है।

 

इसी क्रम में रामलीला के नवम दिवस पर मेघनाथ वध, कुंभकर्ण वध एवं रावण वध का भव्य मंचन किया गया। आधुनिक लेज़र तकनीक और डिजिटल इफेक्ट्स से सजे राम–रावण युद्ध के दृश्य दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण रहे। आकाश मार्ग से चारों ओर चमकती लेज़र की बिजली, युद्ध की गर्जना और प्रकाश एवं ध्वनि के अद्भुत संयोजन ने पूरे मैदान को रोमांचित कर दिया। वहीं, डिजिटल अग्नि के बीच माता सीता की अग्नि परीक्षा का प्रभावशाली दृश्य भी मंचन का मुख्य आकर्षण रहा।

इस अवसर पर प्रतापनगर विधायक विक्रम सिंह नेगी ने कहा कि पुरानी टिहरी की ऐतिहासिक संस्कृति और रामलीला की गौरवशाली परंपरा को देहरादून में इतने भव्य स्वरूप में पुनर्जीवित करना बहुत बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि रामलीला समिति के अध्यक्ष अभिनव थापर के भगीरथ प्रयासों से ही यह ऐतिहासिक कार्य संभव हो पाया है। टिहरी की सांस्कृतिक विरासत को इस प्रकार जीवंत करना और उसे नई पीढ़ी तक पहुँचाना वास्तव में एक सराहनीय एवं अनुकरणीय प्रयास है।

बॉलीवुड एवं दक्षिण भारतीय फिल्मों की अभिनेत्री नेहा सक्सेना जी ने कहा कि वह दक्षिण भारत से लेकर देश के विभिन्न हिस्सों में अनेक कार्यक्रमों में शामिल होती रही हैं, लेकिन इतनी भव्य रामलीला उन्होंने पूरे भारत में कहीं नहीं देखी। उन्होंने इस अद्भुत आयोजन के लिए रामलीला समिति के अध्यक्ष श्री अभिनव थापर जी एवं पूरी समिति का आभार व्यक्त करते हुए उन्हें आमंत्रित करने के लिए धन्यवाद दिया।

रामलीला के मंचन में मेघनाथ एवं कुंभकर्ण वध के पश्चात प्रभु श्रीराम और रावण के बीच हुए भीषण युद्ध को आधुनिक लेज़र तकनीक के माध्यम से शानदार ढंग से प्रस्तुत किया गया। आकाश मार्ग से चारों दिशाओं में चमकती लेज़र की बिजली और राम–रावण युद्ध के डिजिटल दृश्य इतने प्रभावशाली रहे कि दर्शक मंत्रमुग्ध होकर मंचन देखते रहे। अंततः रावण वध के साथ अधर्म पर धर्म और असत्य पर सत्य की विजय का संदेश दिया गया। डिजिटल अग्नि के बीच माता सीता की अग्नि परीक्षा का दृश्य भी दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण बना।

श्री रामकृष्ण लीला समिति टिहरी 1952, देहरादून (पंजीकृत) के अध्यक्ष अभिनव थापर ने कहा कि पुरानी टिहरी की वर्ष 1952 से चली आ रही ऐतिहासिक रामलीला परंपरा को टिहरी के जलमग्न होने के बाद देहरादून में पुनर्जीवित करना समिति का ऐतिहासिक संकल्प रहा है। वर्ष 2025 में इस भव्य रामलीला को डिजिटल माध्यमों से 82 लाख से अधिक दर्शकों ने देखा था, जिसके चलते यह उत्तराखंड की सबसे अधिक देखी जाने वाली रामलीला बनी। इस वर्ष समिति ने एक करोड़ से अधिक दर्शकों तक पहुँचने का लक्ष्य रखा है।

उन्होंने आगे कहा कि रामलीला महोत्सव में ‘साहित्य एवं फिल्म दिवस’ मनाने का उद्देश्य केवल बॉलीवुड की प्रतिभाओं को सम्मानित करना नहीं, बल्कि उत्तराखंड के स्थानीय कलाकारों, साहित्यकारों, लोककलाओं और क्षेत्रीय सिनेमा को भी एक बड़ा मंच उपलब्ध कराना है। उत्तराखंड की समृद्ध लोकसंस्कृति, साहित्यिक परंपराएँ, लोककथाएँ और प्रतिभाशाली कलाकार हमारी पहचान हैं, जिन्हें व्यापक स्तर पर पहचान मिलनी चाहिए। ‘घस्यारी’ जैसी फिल्मों के ट्रेलर लॉन्च और फिल्म जगत की प्रतिभाओं के सम्मान के माध्यम से समिति का प्रयास है कि उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान देशभर में पहुँचे तथा स्थानीय कलाकारों, लेखकों और फिल्म निर्माताओं को आगे बढ़ने के नए अवसर मिलें।

इस अवसर पर उपस्थित गणमान्य अतिथिगण: मुख्य अतिथि प्रतापनगर विधायक विक्रम सिंह नेगी, सेलिब्रिटी गेस्ट बॉलीवुड एवं दक्षिण भारतीय फिल्मों की अभिनेत्री नेहा सक्सेना, राकेश गुप्ता — चेयरमैन, बार काउंसिल उत्तराखंड, दिनेश चमोली जी — समाजसेवी, अनूप नौटियाल , आशना कंडियाल नेगी — अध्यक्ष, हिमालय विरासत ट्रस्ट, भारती पांडे — वरिष्ठ साहित्यकार, दीपक ड्यूंडी, मनिंदर बिष्ट — अध्यक्ष, ऑटो ट्रेड यूनियन, पिया थापा, घनश्याम वर्मा, पार्षद देवेंद्र पाल सिंह मोंटी एवं डी. एस. मान सहित अन्य गणमान्य अतिथियों ने सहभागिता की।

इस अवसर पर श्री रामकृष्ण लीला समिति टिहरी 1952, देहरादून के अध्यक्ष अभिनव थापर, सचिव अमित पंत, निर्देशक अनुराग पंत, समिति के पदाधिकारी, कलाकार एवं अन्य सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. राकेश भट्ट एवं भारती आनंद ने किया।

80 फीट ऊँचे LED एवं लेज़र युक्त रावण के पुतले का भव्य दहन 20 अक्टूबर को शाम 4 बजे किया जाएगा। उत्तराखंड में पहली बार LED एवं लेज़र तकनीक से सजे रावण, मेघनाद एवं कुंभकर्ण के पुतलों का दहन इस आयोजन को विशेष बनाएगा। रंग-बिरंगी LED रोशनी, अत्याधुनिक लेज़र प्रभावों और भव्य आतिशी दृश्यों के बीच तीनों पुतलों का दहन दर्शकों के लिए एक अनूठा और यादगार अनुभव होगा।

समिति की ओर से समस्त देहरादूनवासियों एवं उत्तराखंडवासियों से अपील है कि वे सपरिवार श्री गुरु नानक मैदान, रेसकोर्स पहुँचकर इस ऐतिहासिक आयोजन के साक्षी बनें और प्रभु श्रीराम के आदर्शों के साथ अधर्म पर धर्म एवं असत्य पर सत्य की विजय के पावन संदेश का उत्सव मनाएँ।

 

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