उत्तराखंड

बरेली: हाईकोर्ट के स्टे के बावजूद खड़ी हुई तीन मंजिला इमारत, बाकरगंज पुलिस चौकी पर मिलीभगत के आरोप

हाईकोर्ट के ‘स्टे’ को ठेंगा दिखाकर तीन मंजिला इमारत, बाकरगंज पुलिस चौकी की कार्यशैली पर उठे सवाल ​थाना किला क्षेत्र के हुसैन बाग का मामला, गाटा संख्या 636 पर कोर्ट ने दे रखा है यथास्थिति का आदेश शिकायत के बावजूद कार्रवाई न होने पर स्थानीय पुलिस पर लगा मिलीभगत का आरोप, एसएसपी से जांच की मांग

​बरेली (रिपोर्टर नाजिम अली)

थाना किला क्षेत्र के बाकरगंज स्थित हुसैन बाग में कानून और माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों की खुलेआम धज्जियां उड़ाने का मामला सामने आया है। यहां एक विवादित भूमि पर इलाहाबाद हाईकोर्ट के स्थगन आदेश (स्टे) के बावजूद विपक्षी पक्ष द्वारा धड़ल्ले से तीन मंजिला मकान का निर्माण कराया जा रहा है। इस अवैध निर्माण को न रुकवाने को लेकर अब बाकरगंज पुलिस चौकी और जिम्मेदार विभागों की कार्यप्रणाली कटघरे में है।

​2012 से कोर्ट का है स्टे, फिर भी जारी है निर्माण
हुसैन बाग निवासी शिकायतकर्ता शमा हाशमी के अनुसार, गाटा संख्या 636 की विवादित भूमि को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट में मुकदमा (रिट याचिका संख्या 28164/2012) विचाराधीन है।

इस मामले में माननीय उच्च न्यायालय ने 9 जुलाई 2012 को अंतरिम आदेश पारित करते हुए भूमि पर ‘यथास्थिति’ बनाए रखने के स्पष्ट निर्देश दिए थे। आरोप है कि कोर्ट के इस आदेश को दरकिनार कर विपक्षी पक्ष ने विवादित जमीन पर निर्माण कार्य शुरू कर दिया और देखते ही देखते तीन मंजिला इमारत खड़ी कर दी।

पुलिस ​चौकी पर संरक्षण देने का आरोप
स्थानीय लोगों के मुताबिक निर्माण कार्य पूरी तरह से खुलेआम चल रहा है, लेकिन प्रशासन की ओर से इसे रोकने की कोई जहमत नहीं उठाई गई। पीड़िता शमा हाशमी का सीधा आरोप है कि उन्होंने बाकरगंज चौकी पुलिस को कई बार कोर्ट के आदेश और अवैध निर्माण की जानकारी दी, लेकिन पुलिस ने मौके पर जाकर काम रुकवाने की कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की। ऐसे में पुलिस चौकी की भूमिका पर मिलीभगत और संरक्षण देने की आशंका जताई जा रही है।

​बीडीए और प्रशासन की चुप्पी पर सुलगते सवाल
इस पूरे प्रकरण ने पुलिस प्रशासन के साथ-साथ बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) की निगरानी व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं:
​जब हाईकोर्ट से जमीन पर यथास्थिति का आदेश है, तो आखिर किसके संरक्षण में तीन मंजिला इमारत खड़ी हो गई?

​क्या इस निर्माण के लिए बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) के मानकों का पालन किया गया है?
​क्या स्थानीय पुलिस और बीडीए के प्रवर्तन दल को मुख्य इलाके में हो रहे इतने बड़े निर्माण की भनक तक नहीं लगी?

​एसएसपी से न्याय की गुहार
चौकी स्तर पर सुनवाई न होने से आहत शमा हाशमी ने अब वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) बरेली और उच्चाधिकारियों से पूरे मामले की शिकायत की है। उन्होंने मांग की है कि कोर्ट की अवमानना कर बनाए जा रहे इस मकान का निर्माण तत्काल रुकवाया जाए, पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच हो और दोषी पुलिसकर्मियों व विपक्षियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।

​फिलहाल इस मामले में संबंधित पुलिस अधिकारियों और विपक्षी पक्ष का आधिकारिक बयान सामने आना बाकी है। अब देखना यह होगा कि उच्चाधिकारी इस मामले में संज्ञान लेकर हाईकोर्ट के आदेश का पालन किस तरह सुनिश्चित कराते हैं।
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​बरेली ब्रेकिंग: किला थाना क्षेत्र के बाकरगंज (हुसैन बाग) में हाईकोर्ट के ‘स्टे’ के बावजूद विवादित जमीन (गाटा संख्या 636) पर तान दिया गया तीन मंजिला मकान। पीड़िता शमा हाशमी ने बाकरगंज पुलिस चौकी पर शिकायत के बाद भी निर्माण न रुकवाने और मिलीभगत का लगाया आरोप। साल 2012 से कोर्ट ने दे रखा है यथास्थिति का आदेश। पीड़िता ने एसएसपी से शिकायत कर निष्पक्ष जांच और निर्माण रुकवाने की मांग की। पुलिस और बीडीए की भूमिका पर उठे सवाल।

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