बिंदुखत्ता को राजस्व गांव बनाने की मांग तेज, इंडिया गठबंधन ने निकाला मशाल जुलूस

लालकुआं में इंडिया गठबंधन का उग्र प्रदर्शन: बिंदुखत्ता को राजस्व गांव बनाने की मांग को लेकर निकाला गया विशाल मशाल जुलूस।
रिपोर्टर गौरव गुप्ता
लालकुआं में बिंदुखत्ता को राजस्व गांव बनाए जाने समेत 10 सूत्रीय मांगों को लेकर इंडिया गठबंधन के नेतृत्व में चल रहे क्रमिक अनशन के नौवें दिन सरकार के खिलाफ भारी आक्रोश देखने को मिला। शनिवार को क्षेत्र में इंडिया गठबंधन के आह्वान पर एक विशाल मशाल जुलूस निकाला गया, जिसमें सैकड़ों की संख्या में स्थानीय लोग और क्षेत्रवासी शामिल हुए। वही प्रदर्शन के दौरान हाथों में जलती मशालें लेकर धरना स्थल से मुख्य चौराहे, रेलवे स्टेशन और मुख्य बाजार तक मार्च निकाला। इस दौरान पूरा क्षेत्र केंद्र और राज्य सरकार विरोधी नारों से गूंज उठा।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि जब तक बिंदुखत्ता को राजस्व गांव का दर्जा नहीं मिल जाता, उनका यह संघर्ष जारी रहेगा।
इस दौरान काग्रेंस वक्ताओं ने कहा कि बिंदुखत्ता की जनता की यह वर्षों पुरानी मांग है, जो उनका अधिकार है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में बिंदुखत्ता को नगर पालिका का दर्जा दिलाया गया था, लेकिन भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने जनता को गुमराह कर उस आदेश को वापस करवा दिया, जिसका खामियाजा आज यहां की जनता को भुगतना पड़ रहा है।
उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार पर विकास कार्यों को पूरी तरह ठप करने और केवल जुमलेबाजी करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार मुफ्त राशन देने के बजाय युवाओं को रोजगार मुहैया कराए, ताकि पहाड़ के युवाओं को इसका वास्तविक लाभ मिल सके।
उन्होंने कहा कि बिंदुखत्ता को अविलंब राजस्व गांव घोषित किया जाए और इसकी अधिसूचना जारी हो। एवं गोला नदी में सुरक्षा के लिए बनने वाले तटबंध का निर्माण कार्य जल्द शुरू किया जाए। साथ ही
ग्रामीण क्षेत्रों में आवारा जानवरों के आतंक से जनता को निजात दिलाई जाए।
उन्होंने दो टूक चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द ही उनकी 10 सूत्रीय मांगों पर सकारात्मक कदम नहीं उठाया, तो आंदोलन को और अधिक उग्र किया जाएगा।



