उत्तराखंड

अवैध कच्ची शराब का बढ़ता कारोबार: कानून-व्यवस्था पर मंडराता संकट

अवैध कच्ची शराब का बढ़ता कारोबार: कानून-व्यवस्था पर मंडराता संकट

रिपोर्टर गौरव गुप्ता।

लालकुआं नगर के विभिन्न वार्डों सहित इसके आसपास के गाँव-गाँव और गली-गली में बिक रही अवैध कच्ची शराब समाज में कानून व्यवस्था पर प्रश्न चिन्ह्न लगा रही है। नगर एवं आसपास के गाँव-गाँव व गली-गली में खुलेआम हो रही अवैध शराब की बिक्री से जहाँ गाँवों का माहौल खराब हो रहा है, वहीं युवा पीढ़ी भी नशे की लत की आदी होती जा रही है। जिससे दर्जनों ऐसे परिवार है, जो उजड़ने की कगार पर हैं।

ऐसा भी नहीं है कि अवैध शराब के कारोबार की जानकारी जिले के आबकारी विभाग और पुलिस प्रशासन को न हो किन्तु जानकारी के बाबजूद भी अवैध शराब की बिक्री पर लगाम न लगने से आवकारी और पुलिस विभाग की कार्य प्रणाली सवालों के घेरे में खड़ी होती दिखाई दे रही है। बताते चले कि लालकुआं तहसील क्षेत्र में नगर सहित दर्जनों ऐसे गाँव है, जहाँ अवैध शराब का काला कारोबार बे-रोकटोक जारी है। क्षेत्र के कई गाँवों की स्थिति यह है कि गाँव वालों को पानी तलाश में भले ही मीलों भटकना पड़ता हो।

पर मदिरा प्रेमियों में गाँव में बिना मशक्कत किये ही शराब उपलब्ध हो जा रही है। अवैध रूप से गाँव-गाँव में संचालित हो रही अवैध शराब की दुकानों ने गाँवों का माहौल दूषित कर दिया है। क्षेत्र में शराब के कारण दिनों-दिन अपराधों में वृद्धि हो रही है। साथ ही आसानी से शराब उपलब्ध हो जाने से भोले-भाले ग्रामीण व युवा वर्ग शराब की लत में जकड़ता जा रहा है। सूत्रों की मानें तो ऐसे बहुत कम गाँव होंगे, जहाँ अवैध रूप से शराब की बिक्री नहीं हो रही हो। ऐसा भी नहीं कि आवकारी महकमा इस अवैध कारोबार से अंजान हो।

बल्कि जानकारी होते हुए भी विभाग अवैध शराब के कारोबार को अनदेखा कर रहा है। गाँव-गाँव तक शराब पहुँचाने के लिये ठेकेदार द्वारा स्थानीय जिम्मेदारों से साँठ-गाँठ कर कारों व बाईक से परिवहन किया जा रहा है। उसके बाबजूद भी प्रशासन अवैध शराब का व्यापार करने वालों से दूर है। इसी वजह से शराब कारोबारियों के हौंसले बुलंद है और धड़ल्ले से अवैध शराब का कारोबार संचालित हो रहा है। अवैध शराब की बिक्री को रोकने के मामले में सरकारी सिस्टम फेल साबित हो रहा है। आगर हम बात करे लालकुआं कोतवाली क्षेत्र के अम्बेडकर नगर वार्ड नम्बर ,और दो की तो यहाँ शराब कारोबारी नियम और कानून को ताँक पर रखकर व्यापार को संचालित कर रहे है।

सबसे बुरा हाल लालकुआँ नगर के अम्बेडकर नगर वार्ड नम्बर एक है यहाँ घरों से लेकर पास के जंगल में फड़ लगाकर कच्ची शराब खुलेआम बेची जाती है जिसके पीने से ना जाने कितने लोग भगवान को प्यारे हो गये वही बंगली कालौनी और बंजारी कम्पनी कालोनी का है जहां घरों और ठेलों पर अवैध कच्ची शराब आसानी से उपलब्ध हो जायेगी। यही नहीं क्षेत्र के दो किलोमीटर स्थित वीआईपी गेट तथा घोड़ानाला राजीव नगर बंगाली कालौनी में खुले आम अवैध कच्ची शराब बेची जा रहीं हैं तथा क्षेत्र के कई और स्थानों पर बाहर से आए लोग खुलेआम शराब बेच रहे है किन्तु उसके बाबजूद भी आबकारी विभाग और पुलिस द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाये जा रहे है। जिससे आये दिन विवाद की स्थिति भी खड़ी हो रही है।

इधर क्षेत्रीय ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से नगर तथा गाँवों में बिक रही अवैध शराब पर पाबंदी लगाने की माँग उठाई है। क्या कहते आबकारी अधिकारी। इधर जिला आबकारी निरीक्षक धीरेन्द्र सिंह बिष्ट ने कहा कि अवैध कच्ची शराब के खिलाफ छापेमारी की कार्रवाई की जा रही है जहां जहां शराब मिल रही है उसमें शामिल कारोबारियों के खिलाफ मुकदमे की कार्रवाई की जा रही है और आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि अवैध शराब कारोबारियों को बिल्कुल बख्शा नही जायेगा तथा पकड़ने पर कानूनी कार्रवाई की जायेगी।

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