उत्तराखंड

24 घंटे चले हैकाथॉन में ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी हल्द्वानी की टीम ने मारी बाज़ी

24 घंटे चले हैकाथॉन में ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी हल्द्वानी की टीम ने मारी बाज़ी

रिपोर्टर गौरव गुप्ता।
ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी, हल्द्वानी में आयोजित 24 घंटे का हैकाथॉन ( कोडिंग प्रतियोगिता) सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस प्रतियोगिता में अलग अलग यूनिवर्सिटी के 200 से अधिक छात्र छात्राओं ने भाग लिया। यह कार्यक्रम ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ कम्प्यूटिंग और टेक गीक क्लब द्वारा आयोजित किया गया।

इस समारोह का उद्घाटन 6 मार्च को परिसर निदेशक डॉक्टर मनीष कुमार बिष्ट, डीन अकादमिक डॉक्टर एम सी लोहानी, विभागाध्यक्षों द्वारा किया गया। इस 24 घंटे के हैकाथॉन को जूनियर और सीनियर लेवल के लिए डिजाइन किया गया था, जिसमें उन्हें एआई, ब्लॉकचेन, साइबर सुरक्षा और अन्य क्षेत्रों में वास्तविक दुनिया की समस्याओं को हल करने की चुनौती दी गई। सीनियर लेवल पर जहां 27 टीम ने भाग लिया वहीं जूनियर लेवल पर 26 टीम शामिल हुई। जिसमें ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी हल्द्वानी और भीमताल, MIET, आम्रपाली, MMDU अंबाला, पॉलीटेक्निक करनपुर, MBPG कॉलेज और अन्य छात्र छात्राओं ने भाग लिया।

24 घंटे के निरंतर प्रयास के बाद, प्रतिभागियों ने अपनी तकनीकी कौशल और रचनात्मकता का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। जिसके बाद सीनियर लेवल पर ग्राफिक एरा हल्द्वानी की टीम ctrl c ctrl v ( लक्षजीत, राजेंद्र, श्रेयांश) विजय रहीं। जिन्होंने इनाम स्वरूप 15 हज़ार रुपए अपने नाम किए वहीं ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी भीमताल की टीम dash 3.0 ( जीवन जोशी, मयंक कुमार, सुजल जोशी, अंजलि पलड़िया) दूसरे स्थान पर रहीं। उन्हें 10 हजार रुपए की इनाम राशि दी गई। वहीं ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी हल्द्वानी की बाइनरी ब्रेंस (मेघा फर्त्याल, दीपक पांडे, मानसी बिष्ट, देश जोशी) को तीसरा स्थान और 5 हज़ार रुपए प्राप्त हुए।

जूनियर लेवल पर ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी भीमताल की टीम debug demons ( हिमांशु चौहान, रोशन सिंह, दीक्षा जोशी, हेम शर्मा) ने बाज़ी मार ट्रॉफी और दस हज़ार रुपए अपने नाम किए। वहीं दूसरे स्थान पर आम्रपाली यूनिवर्सिटी ( लोकेश पनेरू, मुकेश चंद्रा, पीयूष, सक्षम सिंह) की टीम एमपी देवस रहीं। उन्हें 5 हज़ार रुपए इनाम स्वरूप दिए गए। वहीं ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी भीमताल की टीम ऑल स्टार्स( सुरजीत, शंकर सिंह, मयंक, सौरव) ने तीसरा स्थान और तीन हज़ार रुपए हासिल किए।

समापन समारोह में डीन अकादमिक डॉक्टर एम सी लोहानी ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा, “हैकाथॉन 2025 में छात्रों ने जिस उत्साह और नवाचार का प्रदर्शन किया है, वह सराहनीय है। यह आयोजन छात्रों को वास्तविक दुनिया की समस्याओं को हल करने और अपनी तकनीकी कौशल को निखारने का एक उत्कृष्ट मंच प्रदान करता है। मुझे विश्वास है कि इन छात्रों में भविष्य के तकनीकी लीडर बनने की क्षमता है।” उन्होंने यह भी कहा, “यह हैकाथॉन हमारे छात्रों को नवाचार के लिए प्रोत्साहित करने और उन्हें उद्योग की मांगों के लिए तैयार करने की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।”

डीन अकादमिक ने विजेताओं को बधाई दी और सभी प्रतिभागियों को उनके प्रयासों के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन छात्रों को नवीनतम तकनीकों से अवगत कराते हैं और उन्हें अपनी रचनात्मकता को व्यक्त करने का अवसर प्रदान करते हैं।

इस कार्यक्रम का सफल संचानल असिस्टेंट प्रोफेसर डॉली शर्मा, डॉक्टर मनीषा कोरंगा और कमलेश पलड़िया द्वारा किया गया। यह हैकाथॉन छात्रों के लिए एक अविस्मरणीय अनुभव रहा, जहाँ उन्होंने न केवल कोडिंग कौशल में महारत हासिल की, बल्कि टीम वर्क, समस्या समाधान और समय प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण कौशल भी सीखे।

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