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देहरादून: पुलिस ने किया एक बड़े सेक्स रैकेट का भंडाफोड़! आरोपी गिरफ्तार

आजकल कुछ लोग बाहर से आकर उत्तराखंड में सेक्स रैकेट का धंधा चला रहे हैं इस धरने में देश के दूरदराज इलाकों से जरूरतमंद लड़कियों को नौकरी के बहाने बुला लिया जाता है और फिर इस धंधे में धकेल दिया जाता है. इस तरह के अपराध पर अंकुश लगाने के लिए उत्तराखंड पुलिस प्रयास कर रही है.

उत्तराखंड के देहरादून में पुलिस ने एक बड़े सेक्स रैकेट का भंडाफोड़ किया है. इस मामले में पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है और पुलिस का कहना है कि सेक्स रैकेट से जुड़े लोग व्हाट्सएप से धंधा चलाते थे. वहीं पुलिस का कहना है कि सेक्स रैकेट से जुड़े लोग जरूरतमंद लड़कियों को नौकरी के नाम पर वेश्यावृत्ति कराते थे और इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया.

पुलिस ने आरोपियों के चंगुल से चार युवतियों को छुड़ाया, जिन्हें नौकरी के बहाने दून बुलाया गया था और फिर सेक्स के कारोबार में धकेल दिया. पिछले कई दिनों में देहरादून में कई सेक्स रैकेट के खुलासे हुए हैं और वहीं शनिवार को भी पुलिस ने एक सेक्स रैकेट का खुलासा किया है. जो जरूरतमंद लड़कियों को नौकरी के नाम पर सेक्स के कारोबार में धकेल देता था.

इस मामले में डीआईजी जन्मेजय खंडूड़ी ने शनिवार को बताया कि राजपुर पुलिस और एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (एएचटीयू) की टीम को शुक्रवार रात सूचना मिली कि वेश्यावृत्ति में शामिल आरोपी लड़कियों को मसूरी ले जा रहे हैं और इसके बाद पुलिस ने मसूरी बाईपास रोड चेकिंग शुरू कर दी. यहां एक कार रुकी, जिसमें दो युवक और चार युवतियां सवार थी और वहीं कार में आपत्तिजनक सामान मिला. जिसके बाद पुलिस ने पूछताछ शुरू कर दी.

नौकरी के लिए देहरादून बुलाया था

पुलिस की पूछताछ में लड़कियों ने बताया कि राहुल पाटिल ने उन्हें नौकरी दिलाने के बहाने दून बुलाया था और उनकी गरीबी का फायदा उठाते हुए सेक्स के कारोबार में धकेल दिया. पूछताछ के दौरान आरोपियों ने अपने नाम राहुल पाटिल पुत्र गोकुल प्रसाद निवासी वाल्मीकि बस्ती और राहुल कुमार पुत्र रामेश्वर कुमार निवासी ब्रह्मपुरी हरिद्वार बताया.

आरोपी राहुल पाटिल मूल रूप से प्रतापगढ़ कुंडा यूपी का रहने वाला है, जबकि दूसरा आरोपी राहुल कुमार हरिपुरम सोसायटी पिट्ठूवाला चंद्रबनी पटेलनगर का रहने वाला है और इस कारोबार से काफी समय से जुड़ा हुआ है और दोनों ऐसी लड़कियों की तलाश में रहते हैं जो गरीब घर की होती है और जिन्हें पैसे की जरूरत होती है.

व्हाट्सएप द्वारा चलाया जाता था सेक्स का कारोबार

पुलिस का कहना है कि 2018 में आरोपी राहुल पाटिल को गिरफ्तार किया जा चुका है और इसके बाद भी आरोपियों ने इस कारोबार को नहीं छोड़ा. आरोपी इस बीच दिल्ली गया और एस्कॉर्ट सर्विस के कुछ लोगों से मिला और उसने बताया कि वह वाट्सएप के जरिए यह धंधा चलाता है और फोटो ग्राहकों को दिखाई जाती है और इसके बाद सौदा तय होने के बाद दिल्ली और अन्य जगहों से लड़कियों को कार से बुलाया जाता है. दोनों आरोपी लड़कियों के साथ मसूरी जा रहे थे और यहां पर ग्राहकों के पास इनको पहुंचाना था. चारों लड़कियां झारखंड, पंजाब और दिल्ली की रहने वाली हैं और आरोपी उन्हें नए साल के लिए दिल्ली से लेकर आए थे.

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