उत्तराखंड

पंतनगर वेटरनेरी कॉलेज में डीन की अस्थाई नियुक्ति पर बवाल, छात्र-कर्मचारी विरोध में उतरे

पंतनगर विवि वेटरनेरी कॉलेज में डीन की अस्थाई नियुक्ति पर विवाद गहराया, छात्र और कर्मचारी उतरे विरोध में”नियुक्ति को बताया नियम विरूद्ध कार्यवाही की मांग।

रिपोर्ट गौरव गुप्ता 
​पंतनगर -गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान महाविद्यालय (वेटरनेरी कॉलेज) में डीन के पद पर की गई अस्थाई नियुक्ति को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। कॉलेज के कर्मचारियों और छात्र-छात्राओं ने प्रशासन की कार्यप्रणाली को नियम विरुद्ध करार देते हुए विरोध का मोर्चा खोल दिया है।

​नियमों की अनदेखी का आरोप

यहाँ मिली जानकारी के अनुसार, वेटरनेरी कॉलेज के तत्कालीन डीन डॉ. ए.एम. अहमद के 31 मार्च 2026 को सेवानिवृत्त होने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने डॉ. डी. कुमार को इस पद पर अस्थाई रूप से नियुक्त कर दिया था। नाराज़गी जता रहे कर्मचारियों और छात्रों का आरोप है कि कॉलेज में भारतीय पशु चिकित्सा परिषद (VCI) के मानकों के अनुसार योग्यता रखने वाले कई अन्य प्रोफेसर उपलब्ध हैं, इसके बावजूद न्यूनतम अनिवार्य योग्यता पूरी न करने वाले डॉ. डी. कुमार को यह जिम्मेदारी सौंप दी गई, जो कि नियमों का खुला उल्लंघन है।

चार महीने बाद भी कार्रवाई न होने से आक्रोश

​इस मामले को लेकर कर्मचारियों ने लगभग चार महीने पहले (जून में) ‘भारतीय पशु चिकित्सा परिषद’ (VCI) के अध्यक्ष डॉ. उमेश चंद्र शर्मा को लिखित शिकायत भेजी थी। हालांकि, चार महीने बीत जाने के बाद भी न तो VCI और न ही विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई की गई है।

​छात्रों ने भी थामा मोर्चा

​प्रशासनिक स्तर पर कोई कदम न उठाए जाने के कारण अब कर्मचारियों के साथ-साथ छात्र-छात्राओं का गुस्सा भी फूट पड़ा है। छात्रों ने भी कर्मचारियों का समर्थन करते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन शुरू कर दिया है।

प्रमुख मांगें

तैनाती पर नाराजगी जाहिर कर रहे छात्र-कर्मचारियों की दो टूक मांग है कि विश्वविद्यालय प्रशासन इस मामले का तत्काल संज्ञान ले, कथित अवैध नियुक्ति को तुरंत रद्द करे और VCI के मानकों को पूरा करने वाले किसी योग्य व पात्र व्यक्ति को नियमानुसार डीन के पद पर तैनात करे। वही प्रशासन की चुप्पी के चलते परिसर में तनाव की स्थिति बनी हुई है। देखना होगा कि विश्वविद्यालय प्रशासन क्या कदम उठता है।

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