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छात्र नेताओं की गिरफ्तारी के बाद कोतवाली में बवाल

रिपोर्टर गौरव गुप्ता। लालकुआँ

लालकुआं दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे पेपर लीक के खिलाफ, प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही, एनटीए को रद्द करने तथा शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर को लेकर प्रदर्शन में दिल्ली कूच कर रहे लालकुआं के छात्र नेताओं को पुलिस द्वारा हिरासत में लेने के बाद काग्रेंस ,भाकपा माले सहित कई संगठनों के दर्जनों नेताओं ने आज लालकुआं कोतवाली में डेरा डाल दिया है इस मौके पर पहुंचे कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एंव पूर्व कैबिनेट मंत्री हरीश चन्द्र दुर्गापाल ने कोतवाली में मौजूद पुलिस क्षेत्राधिकारी लालकुआं और कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक से हिरासत में लिए गए दोनों युवाओं को छोड़ने की मांग की। वही कोतवाली में नेताओं की बढ़ती भीड़ तथा भारी दबाव के चलते पुलिस ने दोनों युवकों को छोड़ दिया। इस दौरान नेताओं ने पुलिस पर तानाशाही का आरोप लगाया।
बताते चले कि कल रविवार को दिल्ली चलों अभियान के तहत दिल्ली के जंतर मंतर पर छात्र युवाओं के मार्च में शामिल होने जा रहे आइसा के नैनीताल जिलाध्यक्ष धीरज कुमार और आनंद रजभर सहित आइसा के अन्य युवकों लालकुंआ पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
कल से बंद छात्रों छुड़ाने के लिए ने कांग्रेस भाकपा माले सहित कई संगठनों के नेता कोतवाली में जमे रहे उन्होंने पुलिस पर तानाशाही का आरोप लगाया।
इसी को लेकर आज दोपहर कोतवाली भारी संख्या में काग्रेंस कार्यकर्ताओं के साथ पंहुचे कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एंव पूर्व कैबिनेट मंत्री हरीश चन्द्र दुर्गापाल ने कड़े शब्दों में निंदा करते हुए ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए दिल्ली जा रहे छात्रों की गिरफ्तारी निंदनीय है, उन्हें तत्काल रिहा किया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार युवकों की आवाज दबाव चाहती हैं। उन्होंने कहा कि देश का युवा जाग चुका है। उन्होंने कहा कि सत्ता का नशा जयादा दिन नही चलता सरकार को युवकों की मांग मनानी पड़ेगी।
इधर भारी दबाव और नेताओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए पुलिस ने युवकों को छोड दिया है। जिसके बाद युवाओं ने इंकलाब जिंदाबाद के नारे लगाये और इसे अपनी जीत बताया।

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