लालकुआँ नगर पंचायत में कथित अनियमितताओं पर प्रशासन सख्त, डीएम ने दिए जांच के आदेश

रिपोर्टर गौरव गुप्ता।
लालकुआँ नगर पंचायत में विभिन्न विकास कार्यों और खरीद प्रक्रियाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर अब प्रशासन सख्त हो गया है। जिलाधिकारी नैनीताल ललित मोहन रयाल ने मामले का संज्ञान लेते हुए विस्तृत जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। जांच की जिम्मेदारी नगर मजिस्ट्रेट हल्द्वानी को सौंपी गई है।
प्राप्त शिकायतों के अनुसार नगर पंचायत में करीब तीन लाख रुपये की लागत से डस्टबिन खरीद में निर्धारित निविदा प्रक्रिया का पालन नहीं किए जाने का आरोप है। इसके अलावा नगर के विभिन्न वार्डों में लगभग पांच वर्ष पहले बनाए गए शौचालयों को ध्वस्त कर दोबारा निर्माण कराए जाने पर भी सवाल उठाए गए हैं। शिकायतकर्ताओं ने इन कार्यों की आवश्यकता, औचित्य और खर्च को लेकर गंभीर आपत्तियां दर्ज कराई हैं।
मामले में छठ पूजा स्थल पर कराए गए पुनर्निर्माण कार्य भी जांच के दायरे में आए हैं। वहीं वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान शीतकाल में अलाव जलाने के लिए लकड़ी की असामान्य रूप से अधिक खपत और उससे जुड़े भुगतान की पारदर्शिता पर भी सवाल खड़े किए गए हैं।
डीएम ने नगर मजिस्ट्रेट को निर्देश दिए हैं कि वे संबंधित सभी अभिलेखों की गहन जांच करें। इसमें टेंडर प्रक्रिया, स्वीकृति पत्र, भुगतान विवरण, मापन पुस्तिकाओं सहित अन्य दस्तावेजों का परीक्षण किया जाएगा। साथ ही संबंधित कार्यों का भौतिक सत्यापन भी कराया जाएगा ताकि वित्तीय नियमों और शासनादेशों के अनुपालन की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके।
प्रशासन ने साफ किया है कि जांच में यदि किसी प्रकार की अनियमितता, लापरवाही या वित्तीय गड़बड़ी सामने आती है तो जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ उत्तरदायित्व तय करते हुए कार्रवाई की जाएगी।
जांच अधिकारी को 15 दिनों के भीतर विस्तृत जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासनिक स्तर पर जारी इस कार्रवाई के बाद नगर पंचायत लालकुआँ की कार्यप्रणाली को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है।




