संसद मार्च पर बवाल- छात्रों पर लाठीचार्ज एवं काग्रेंस नेताओं की गिरफ्तारी के विरोध में कांग्रेस का प्रदर्शन, प्रधानमंत्री और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला फूंका

संसद मार्च पर बवाल- छात्रों पर लाठीचार्ज एवं काग्रेंस नेताओं की गिरफ्तारी के विरोध में कांग्रेस का प्रदर्शन, प्रधानमंत्री और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला फूंका
रिपोर्टर गौरव गुप्ता।
लालकुआँ दिल्ली में संसद मार्च के दौरान छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज एवं काग्रेंस नेता तथा लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गाँधी, प्रियंका गाँधी, सहित वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं की गिरफ्तारी के विरोध में आज लालकुआं और हल्दूचौड में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और छात्र-छात्राओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला फूंका तथा उनके इस्तीफे की मांग की।
यहाँ लालकुआं और हल्दूचौड युवा कांग्रेस, एनएसयूआई, कांग्रेस कार्यकर्ताओं और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने संसद मार्च के दौरान छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज तथा कांग्रेस नेता राहुल गाँधी, प्रियंका गाँधी सहित वरिष्ठ नेताओं की गिरफ्तारी के विरोध में प्रदर्शन किया।
इस दौरान आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने कहा कि अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण ढंग से आवाज उठा रहे छात्रों पर बल प्रयोग करना लोकतंत्र की भावना के खिलाफ है। उन्होंने केंद्र सरकार पर युवाओं की आवाज दबाने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि छात्र अपने भविष्य और शिक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से प्रदर्शन कर रहे थे, लेकिन उनके साथ जिस प्रकार का व्यवहार किया गया, वह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
इसके साथ ही उन्होंने कहा बीती रात पीएम आवास के दौरान धरने पर बैठे कांग्रेस नेता राहुल गाँधी, कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, प्रियंका गाँधी को जिस तरह से पुलिस ने गिरफ्तार किया वो ऐ दिखाता है कि सरकार तानाशाही पर उतर आई है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार राहुल गाँधी से डर गई हैं इसलिए व लोकतंत्र को ना मानकर काग्रेस नेताओं की गिरफ्तारी कर छात्रों की आवाज को दबाने का काम कर रहीं हैं।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला फूंककर अपना आक्रोश व्यक्त किया और उनसे नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तत्काल इस्तीफा देने की मांग की। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यदि छात्रों की मांगों की अनदेखी जारी रही तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
इधर प्रदर्शन में मौजूद छात्र-छात्राओं ने भी कहा कि युवाओं की आवाज को दबाने का प्रयास स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने सरकार से छात्रों की समस्याओं का समाधान करने और लोकतांत्रिक अधिकारों का सम्मान करने की मांग की।
वही कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस एवं छात्र संगठनों के कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और चेतावनी दी कि यदि भविष्य में भी छात्रों के साथ ऐसा व्यवहार किया गया तो पूरे प्रदेश में आंदोलन तेज किया जाएगा। प्रदर्शन शांतिपूर्वक संपन्न हुआ।



