पट्टियां बांधकर युवाओं का मौन प्रदर्शन, नशे के खिलाफ लालकुआँ में जनाक्रोश

पट्टियां बांधकर युवाओं का मौन प्रदर्शन, नशे के खिलाफ लालकुआँ में जनाक्रोश,राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा, एंटी ड्रग्स टास्क फोर्स गठन का आश्वासन।
रिपोर्टर गौरव गुप्ता। लालकुआँ
लालकुआँ विधानसभा क्षेत्र में बढ़ते अवैध नशे के कारोबार के विरोध में मंगलवार को युवाओं और सामाजिक संगठनों ने तहसील परिसर में अनोखा एवं प्रतीकात्मक धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान युवाओं ने आंखों, कानों और मुंह पर पट्टी बांधकर पांच मिनट का मौन रख प्रशासनिक निष्क्रियता के खिलाफ विरोध दर्ज कराया।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि क्षेत्र में अवैध कच्ची शराब, स्मैक, चरस और गांजा जैसे मादक पदार्थों का नेटवर्क तेजी से फैल रहा है, जिससे युवा पीढ़ी प्रभावित हो रही है।
धरने के उपरांत राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी प्रमोद कुमार को सौंपा गया। ज्ञापन में लालकुआँ क्षेत्र में विशेष एंटी-नारकोटिक्स अभियान चलाने, संदिग्ध स्थलों पर नियमित छापेमारी, नशे की सप्लाई चेन की उच्चस्तरीय जांच, दोषी अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई तथा शिकायतकर्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की गई। इसके साथ ही विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में नशा विरोधी जागरूकता अभियान और युवाओं के पुनर्वास सुविधाएं सुदृढ़ करने पर भी जोर दिया गया।
वही प्रदर्शनकारियों ने बताया कि यह कार्यक्रम एक युद्ध — नशे के विरुद्ध” अभियान की शुरुआत है। उन्होंने कहा कि आंदोलन शांतिपूर्ण रहेगा, लेकिन एक सप्ताह के भीतर प्रभावी कार्रवाई नहीं होने पर चरणबद्ध जनआंदोलन शुरू किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ उठ रही जनभावनाओं को गंभीरता से लिया जाना चाहिए और अवैध कारोबार पर सख्त कार्रवाई आवश्यक है।
उन्होंने नशे की बढ़ती प्रवृत्ति को सामाजिक चुनौती बताते हुए निगरानी और छापेमारी बढ़ाने की आवश्यकता जताई, जबकि सामाजिक कार्यकर्ता दीपक पांडे ने इसे आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से जुड़ा गंभीर विषय बताया।
इधर उपजिलाधिकारी प्रमोद कुमार ने प्रदर्शनकारियों को आश्वस्त किया कि अवैध नशे के कारोबार में लिप्त किसी भी व्यक्ति अथवा संरक्षण देने वाले अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने क्षेत्र में शीघ्र ही एंटी ड्रग्स एवं अवैध शराब के विरुद्ध विशेष टास्क फोर्स गठित कर अभियान चलाने की बात कही। धरने में विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि, छात्र नेता, सामाजिक कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।
प्रदर्शन के बाद क्षेत्र में नशे के मुद्दे को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं और अब स्थानीय जनता प्रशासनिक कार्रवाई का इंतजार कर रही है।



