उत्तराखंड

लालकुआँ की ‘तीसरी आँख’ बंद: शहर के आधे से ज्यादा CCTV कैमरे खराब, अपराध नियंत्रण पर संकट

रिपोर्टर-गौरव गुप्ता। लालकुआँ

लालकुआँ में बीते लंबे समय से कोतवाली शहर की तीसरी आँख कही जाने वाली सीसीटीवी निगरानी व्यवस्था ठप पड़ी है। अपराध नियंत्रण और आपराधिक घटनाओं की जांच में अहम भूमिका निभाने वाले शहर के कई सीसीटीवी कैमरे बंद हो चुके हैं, जिससे पुलिस की कार्यप्रणाली पर सीधा असर पड़ रहा है।

 

लालकुआँ पुलिस द्वारा शहर के प्रमुख मार्गों, चौक-चौराहों और चेकपोस्टों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे। इन कैमरों की निगरानी कोतवाली कार्यालय से की जाती थी, लेकिन वर्तमान में अधिकांश कैमरे बंद पड़े हैं। हालात यह हैं कि कैमरों के खराब होने से पुलिस को क्राइम कंट्रोल में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

जब भी कोई सड़क दुर्घटना या आपराधिक वारदात होती है, तो सीसीटीवी फुटेज पुलिस के लिए सबसे बड़ा सहारा साबित होती है। रिकॉर्डेड वीडियो के आधार पर पुलिस जल्दी आरोपियों तक पहुंच जाती है, लेकिन कैमरे बंद होने की स्थिति में अहम फुटेज मिल पाना संभव नहीं हो पा रहा।

जानकारी के अनुसार लालकुआँ कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत लगभग 44 सीसीटीवी कैमरे इंस्टॉल किए गए हैं, जिनमें से वर्तमान में 30 से अधिक खराब हो चुके हैं। जबकि 10 केमरे सही हालात में है।

सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि लालकुआँ क्षेत्र अंतर्गत नैनीताल और ऊधमसिंह नगर की ओर जाने वाले मार्ग पर बनाए गए पुलिस चेकपोस्ट के सभी कैमरे भी खराब पड़े हैं। इतना ही नहीं, चेकपोस्ट पर लाइट की व्यवस्था भी नहीं है, जिससे रात के समय सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह भगवान भरोसे दिखाई देती है।

इस संबंध में पुलिस क्षेत्राधिकारी दीपशिखा अग्रवाल ने बताया कि जल्द ही खराब सीसीटीवी कैमरों की रिपोर्ट तैयार कर प्रस्ताव बनाया जाएगा। साथ ही जहां-जहां लाइट की व्यवस्था नहीं है, वहां उसे भी दुरुस्त कराया जाएगा।

अब देखना यह होगा कि पुलिस प्रशासन कब तक शहर की तीसरी आँख को दोबारा सक्रिय कर लालकुआँ को सुरक्षित बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाता है।

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