उत्तराखंड

बिंदुखत्ता में गौला नदी के भू-कटाव से बचाव हेतु प्रशासन की तैयारी

रिपोर्टर गौरव गुप्ता।

आगामी बरसात में गौला नदी द्वारा बिंदुखत्ता के इंद्रानगर और रावतनगर चौड़ाघाट में बिंदुखत्ता और श्रीलंका टापू की ओर भू कटाव की संभावना को देखते हुवे डीएफओ, क्षेत्रीय विधायक, वन विभाग, वन निगम और प्रशासनिक अधिकारियों ने संयुक्त रूप से दोनों ही क्षेत्रों का स्थलीय और ड्रोन से निरीक्षण करते हुए बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए पुख्ता इंतजाम करने पर विचार विमर्श किया।

शुक्रवार की दोपहर को इंदिरा नगर और चौड़ाघाट क्षेत्र में पहुंचे क्षेत्रीय विधायक और प्रभागीय वनाधिकारी तराई पूर्वी वन प्रभाग के नेतृत्व में तमाम विभागों के अधिकारियों ने बाढ़ की स्थिति से निपटने को लेकर वृहद स्तर पर विचार विमर्श किया, इस अवसर पर निर्णय लिया गया कि चौड़ाघाट क्षेत्र में नदी के बीचो-बीच वाहन स्वामियों से खनन करने का निवेदन किया जाए, ताकि बरसात के मौसम में पानी का प्रवाह बीचो-बीच नदी में ही रहे, इसके अलावा इंदिरा नगर के हाथी कॉरिडोर क्षेत्र में चैनेलाइजेशन करने या नदी के बीचो-बीच किसी संस्था को खनन की अनुमति देने का प्रस्ताव तैयार करने का निर्णय लिया गया। इस अवसर पर क्षेत्रीय विधायक डॉ मोहन बिष्ट ने कहा कि संबंधित विभाग ऐसा मसौदा तैयार करें, जिससे क्षेत्रवासी सुरक्षित रहे तथा बरसात के समय पानी का प्रवाह बीच नदी में ही रहे।

दोनों स्थानों में स्थलीय निरीक्षण के साथ-साथ ड्रोन से भी निरीक्षण किया गया।इस अवसर पर तराई पूर्वी वन प्रभाग के प्रभागीय वनाधिकारी हिमांशु बागरी, एसडीओ अनिल जोशी, तहसीलदार लालकुआं युगल किशोर पांडे, वन क्षेत्राधिकारी गौला चंदन सिंह अधिकारी, वन विकास निगम के निदेशक कुंदन सिंह चुफाल, चामू राणा, केवल जोशी, राजेंद्र बिष्ट और वरिष्ठ भाजपा नेता सोनू पांडे सहित भारी संख्या में ग्रामवासी और अधिकारी मौजूद रहे।

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