जो नहीं चल सकते उनकी मदद करना ,दीन हीन के काम आना पहचान है इंटरनेशनल गायिका सुषमा शर्मा की

जो नहीं चल सकते उनकी मदद करना ,दीन हीन के काम आना पहचान है इंटरनेशनल गायिका सुषमा शर्मा की।
पंचकूला।
है काम आदमी का औरों के काम आना, जीना तो है उसी का जिसने यह राज जाना, सामाजिक दृष्टिकोण के हर समाजसेवी का यही मूल मंत्र होता है। लेकिन इनमें बहुत ऐसे लोग होते हैं जो किसी लोभ लालच के फलीभूत होकर ऐसा नहीं करते बल्कि इसके पीछे उद्देश्य खुद की संतुष्टि और पैशन मुख्य तौर पर होता है। इंटरनेशनल विजन गायक सुषमा शर्मा उन्ही में से एक है। वह अपनी नेक कमाई से तरह-तरह से समाज की सेवा करती हैं इसमें गरीब लड़कियों की विवाह शादी में मदद करना भी शामिल है। उन्हें घरेलू उपयोग की जरूरी चीजें दान देना भी शामिल है ।
विशेष बात यह है कि शर्मा ने एक अनोखा काम प्रयास ग्रुप बनाकर किया जिसका मकसद उन लोगों की सेवा और करना मदद करना है जो चल नहीं सकते। उनके लिए ट्राई साइकिल इत्यादि उपलब्ध कराना मुख्य उद्देश्य होता है । मकसद और मतलब है, जो नहीं चल सकते उनको चलाने का एक अनूठा प्रयास।
सुषमा शर्मा कहती है कि जब उन्हें किसी ऐसे व्यक्ति का पता चलता है जो चल नहीं पाता तो वह उसकी मदद के लिए खुद आगे आ जाती है। उन्होंने कोई ऐसी संस्था दी नहीं बना रखी जिसमें सदस्य शामिल किए जाते हैं।वह जो करती हैं खुद संस्था बनकर ही करती हैं ।मतलब सुषमा शर्मा की जो नेक कमाई है उसी में से बढ़ चढ़कर सहयोग और योगदान देना उनकी पहचान है। संतोष सबसे बड़ा धन है ,शायद यह भी शर्मा का मूल मंत्र है।
वह बताती है कि समाज सेवा में ट्राई सिटी में एक बड़ा नाम मंजू चंदेल जी का है वह उनके साथ भी कंधे से कंधा मिलाकर काम करती हैं। उनकी तरफ से जो आदेश आता है उसे फौरन पूरा करती हैं। उन्होंने गरीब लड़कियों के विवाह के अवसर पर कई बार अलमारी बेड घर के उपयोग की बहुत सी चीज दान में दी हैं । यह काम वह लगातार करती आ रही है। सुषमा शर्मा विदेश में भी सक्रिय रहती हैं ।उन्होंने बताया कि वह नैरोबी कनाडा में धार्मिक आयोजनों में शामिल होती हैं वहां भी समाज सेवा करती हैं। वह विदेश में बालाजी महाराज के जागरण चौंकी और धार्मिक अनुष्ठानों में धार्मिक गीत गायिका के रूप में विख्यात शख्सियत है ।उन्होंने बताया कि पंचकूला के सेक्टर 12 ए मे संकटमोचक धाम मंदिर में हर मंगलवार को उनकी निष्काम हाजिरी होती है।
वह श्याम परिवार ट्रस्ट के साथ भी जुड़ी हुई है जहां ₹11 की पर्ची से मरीजों का इलाज होता है। इन सब संस्थानों से भी वह निष्काम भाव से जुड़ी हुई है।
हाल में संपन्न कार्यक्रम में उनके साथ मंजू चंदेल प्रतिमा बक्शी किरण सुषमा जोशी प्रतिमा अनीता ज्योति ईशानी कालिया वीणा बाली डॉक्टर प्रतिभा सीमा और रेणु आदि अग्रणी और प्रगतिशील महिलाएं सम्मिलित हुई। सुषमा शर्मा समाजसेवी महिला पुरुषों के लिए एक प्रेरणा स्रोत के रूप में देखी जाती हैं। उनका योगदान वाकई प्रशंसनीय है।