उत्तराखंड

वन विभाग की लीज भूमि पर बसे ग्रामीणों ने वन मंत्री से मुलाकात कर वन विभाग द्वारा उन्हें अतिक्रमणकारी बताकर बार-बार दिए जा रहे नोटिस के संबंध में कराया अवगत, वन मंत्री ने तुरंत ही वन अधिकारियों को फोन पर उचित कार्यवाही के दिए आदेश 

वन विभाग की लीज भूमि पर बसे ग्रामीणों ने वन मंत्री से मुलाकात कर वन विभाग द्वारा उन्हें अतिक्रमणकारी बताकर बार-बार दिए जा रहे नोटिस के संबंध में कराया अवगत, वन मंत्री ने तुरंत ही वन अधिकारियों को फोन पर उचित कार्यवाही के दिए आदेश

रिपोर्ट गौरव गुप्ता।

लालकुआँ विधानसभा क्षेत्र के अन्तर्गत गौलापार स्थित बागजाला में वन विभाग की लीज भूमि पर बसे ग्रामीणों का एक शिष्टमंडल देहरादून पहुंचा जहां उन्होंने सूबे के वन मंत्री सुबोध उनियाल से मुलाकात कर वन विभाग द्वारा उन्हें अतिक्रमणकारी बताकर बार-बार दिए जा रहे नोटिस के संबंध में अवगत कराया।जिसपर वन मंत्री ने तुरंत ही वन अधिकारियों को फोन पर निर्देश देते हुए उचित कार्यवाही के आदेश दिए।

बताते चले कि गुरूवार की दोपहर को काग्रेंस नेता इन्द्रपाल आर्य के नेतृत्व में बागजाला के ग्रामीणों का एक शिष्टमंडल देहरादून पहुँचा जहां उन्होंने वन विभाग पर उत्पीड़न का आरोप लगाते सूबे के वन मंत्री सुबोध उनियाल से मुलाकात की इस दौरान ग्रामीणों ने वन मंत्री को एक ज्ञापन भी सौंपा। वही दिए गए ज्ञापन में ग्रामीणों ने कहा कि लालकुआँ विधानसभा क्षेत्र के अन्तर्गत गौलापार स्थित बागजाला क्षेत्र आजादी से पहले का बसा हुआ पर्वतीय समाज के अनुसुचित जाति का बाहुल्य गांव है। इस गांव के कुछ लोगों ने यहाँ भूमि तौर लीज पर बर्ष 1978-79 में 90 वर्षों की अवधि के लिए उत्तर प्रदेश सरकार से ली थी। जिसके दस्तावेज उनके पास है उन्होंने कहा कि बीते कुछ बर्षो से वन विभाग उन्हें अतिक्रमणकारी बताकर बार-बार नोटिस दे रहा है जिसे कि गाँव के लोगों में भय का माहौल बना हुआ है। उन्होंने वन मंत्री से उचित कार्यवाही की मांग की।

इधर मामले की गंभीरता को समझते हुए वन मंत्री सुबोध उनियाल ने तराई पूर्वी वनप्रभाग के डीएफओ से दूरभाष पर वार्ता करते हुए निर्देशित किया कि उक्त क्षेत्रवासियों को बार-बार नोटिस नहीं दिए जाएं और बागजाला क्षेत्र के लोगों के साथ एक समन्वय बनाकर बैठक करें साथ ही जो लोग लीज पर रह रहे हैं उनके नवीनीकरण को लेकर आवश्यक प्रक्रिया अपनाई जाए और उन्हें अतिक्रमणकारी कहना बंद किया जाए क्योंकि यह लोग वर्षों से उक्त भूमि पर लीज धारक के तौर पर आवासीय भवन बनकर रह रहे हैं।

वहीं तराई पूर्वी वन प्रभाग के डीएफओ हिमांशु बागरी ने जानकारी देते हुए बताया कि उन्हें निर्देश प्राप्त हुए हैं कि उक्त क्षेत्र के लोगों के साथ समन्वय स्थापित कर विधि सम्मत नवीनीकरण की प्रक्रिया अमल में लाई जाए जिस पर अग्रिम कार्यवाही की जाएगी।

इधर वन मंत्री से मिलने वालों के शिष्टमंडल में मुख्य रूप से बागजाला निवासी काग्रेंस नेता इन्दर पाल आर्या, राजेंद्र प्रसाद आर्य, दीवान राम आर्य, जगदीश आर्य, विजय राज आदि शामिल रहे।

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