बिग ब्रेकिंग: फिर उत्तराखंड के CM होंगे पुष्कर सिंह धामी: सूत्र

देहरादून: जबदस्त जीत का जश्न, होली के हुड़दंग से पहले उड़ता गुलाल, ये तस्वीरें उत्तराखंड की हैं, जहां महीने भर की मेहनत के बाद आज जीत का ये मुकाम हासिल हुआ है। जीत के जश्न में उत्साह से लबरेज कार्यकर्ता, पार्टी कार्यालय में ढोल नगाड़े के साथ नाचते गाते नजर आ रहे हैं। पटाखों की तडतड़ाहट के साथ जीत का जश्न मनाया जा रहा है।
पांच राज्यों के साथ ही आज उत्तराखंड विधानसभा की 70 सीटों के लिए भी मतगणना हुई। जिसमें बीजेपी ने जीत हासिल की है। बीजेपी की जीत के बाद कार्यकर्ता काफी उत्साहित हैं। इस जीत के साथ ही राज्य में पांच साल बीजेपी, पांच साल कांग्रेस के शासन का मिथक भी टूट गया है।
सूत्रों के हवाले से बड़ी ख़बर सामने आ ई है जहां पुष्कर सिंह धामी सत्ता में रहते हुए चुनाव हारने वाले उत्तराखंड के तीसरे मुख्यमंत्री हो गए हैं। इससे पहले 2017 के विधानसभा चुनाव में तत्कालीन मुख्यमंत्री हरीश रावत के नेतृत्व में चुनाव लड़ा गया था और वह चुनाव हार गए थे। वहीं 2012 में हुए विधानसभा चुनाव में बीसी खंडूरी के नेतृत्व में चुनाव लड़ा गया था, इस दौरान खंडूरी चुनाव हार गए थे।
चुनाव हारने वाले उत्तराखंड के तीसरे मुख्यमंत्री बने धामीचुनाव हारने वाले उत्तराखंड के तीसरे मुख्यमंत्री बने धामीउत्तराखंड विधानसभा नतीजों ने न सिर्फ पहाड़ को बल्कि देश को चौंका दिया है। कई बड़े उलटफेर के साथ ऐसे नतीजे पहाड़ की जनता ने ईवीएम के जरिए लोकतंत्र को दिए है। जिसका अब अर्थ लगाया जाए तो यह है कि धनबल और दलबदल को जनता पूरी तरह से नकार रही है। पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश में भी कई दल बदलू नेताओं को जनता ने घर बिठा दिया तो वही उत्तराखंड में भी यही हाल देखने को मिल रहा है। हालाकी प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के सबसे बड़े चेहरे हरीश रावत को लाल कुआं की जनता ने नकार दिया तो वही मौजूदा मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami को भी खटीमा की जनता ने कुर्सी से उतार दिया। चौंकाने वाले ये नतीजे न सिर्फ पहाड़ और देव भूमि की लाखों जनता के लिए आने वाले कल के राजनीतिक भविष्य का संकेत है बल्कि बताता है जोड़-तोड़ धनबल दल बदल से कहीं ऊपर है जनता का मतइस पारी में
उन्होंने अपने बेहतरीन नेतृत्व का मुज़ाहिरा भी जरूर कियाइस पारी में उन्होंने अपने बेहतरीन नेतृत्व का मुज़ाहिरा भी जरूर कियायानी लोकतंत्र में अगर आप नतीजा नहीं देंगे तो जनता आप को वोट और सपोर्ट भी नहीं देगी। खटीमा से विधायक रहे सीएम पुष्कर सिंह धामी भले ही अब मुख्यमंत्री के दावेदार आसानी से न बन सके , लेकिन छोटी सी इस पारी में उन्होंने अपने बेहतरीन नेतृत्व का मुज़ाहिरा भी जरूर किया। Pushkar Singh Dhami को भाजपा ने उस वक्त प्रदेश की कमान सौंपी जब प्रदेश में भाजपा के अंदर ही दो-दो मुख्यमंत्री बदलने के बाद अजीबोगरीब हालात पैदा हो गए थे…
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को भी खटीमा की जनता ने कुर्सी से उतार दियामुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को भी खटीमा की जनता ने कुर्सी से उतार दियाकेंद्र और प्रदेश में तमाम पार्टी नेताओं का सपोर्ट धामी को मिला और वह बचे हुए समय में न सिर्फ एक अच्छा कार्यकाल चला सके बल्कि Pushkar Singh Dhami पहाड़ में 2022 का चुनाव भी बेहतरीन ढंग से लड़ा जिसका नतीजा आज पार्टी सरकार बनाने की स्थिति में आ गई है।
उत्तराखंड विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने बहुमत के आंकड़े को पार कर लिया है। ऐसे में बीजेपी एक बार फिर उत्तराखंड में सरकार बनाने जा रही है। ऐसे में चुनावी नतीजों को देखते हुए बीजेपी प्रदेश प्रभारी प्रह्लाद जोशी मीडिया से मुखातिब हुए। जोशी ने कहा कि चुनाव से पहले बीजेपी ने जो भी वादे किये हैं, उन्हें पूरा किया जाएगा। वहीं, इस मौके सीएम धामी ने कहा कि प्रदेश में सरकार बनते ही सबसे पहले यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू किया जाएगा।
बीजेपी की जीत के प्वाइंटस की बात करें तो इसमें पीएम मोदी का चेहरा चुनावी जीत का सबसे बड़ा फैक्टर रहा।इसके अलावा कुशल नेतृत्व, मजबूत संगठन भी चुनावी जीत के महत्वपूर्ण बिंदू रहे। बीजेपी ने अपने घोषणापत्र में 60+ के नारे के साथ ही महिलाओं के लिए बड़े वादे किये थे, जिसका उन्हें काफी फायदा मिला। इसका नतीजा रहा है लोगों ने जमकर कमल के निशान पर मुहर लगाई।
इसके अलावा केंद्रीय नेताओं के दौरों ने भी चुनावी लड़ाई को कहीं एकतरफा बना दिया। खासतौर से अमित शाह, पीएम मोदी ने खुद ग्राउंड जीरो पर उतकर जनता से वोट मांगे, जिससे बीजेपी 2022 की चुनावी जंग में हमेशा ही आगे नजर आई। विरोधी के तौर पर भले ही कांग्रेस रही, मगर वो मजबूत कहीं से भी नहीं दिखाई दी। जिसका नतीजा चुनावी फैसले के रूप में सबके सामने है।