
राज्य में दलबदल को लेकर रोज़ कोई नई हलचल हो रही है. मंत्री हरक सिंह रावत के कांग्रेस में जाने को लेकर अटकलें चल रही हैं. इस बारे में कांग्रेस के कई नेताओं के बाद हाल में हरीश रावत ने भी ऐसा इशारा दिया. इस माहौल में दिल्ली से अचानक पूर्व सीएम विजय बहुगुणा पहुंचे और उन्होंने हरक सिंह और सुबोध उनियाल जैसे उन नौ नेताओं से मिलकर बातचीत की, जिनके साथ वह 2016-17 में कांग्रेस से बगावत कर भाजपा में गए थे.
मौजूदा प्रदेश सरकार के मंत्री हरक सिंह रावत भी इन नौ विधायकों में शुमार रहे, जिनसे बहुगुणा मिले. वास्तव में, हरक सिंह के कांग्रेस में जाने की अटकलों के बीच ‘डैमैज कंट्रोल’ के नज़रिये से ही बहुगुणा के दौरे को समझा जा रहा है. इसी मामले को लेकर बुधवार को बहुगुणा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात भी करने वाले हैं. बहरहाल, इस बीच बहुगुणा ने यह दावा किया कि उनके नेता दलबदल नहीं करेंगे और हरीश रावत पर भी तंज़ कसा.
बहुगुणा ने साफ शब्दों में कहा कि चिंता की कोई बात नहीं है और पांच साल पहले जो नेता कांग्रेस से बगावत कर भाजपा में शामिल हुए थे, उनका मन फिर पार्टी बदलने का नहीं है. बहुगुणा ने यह तो कहा कि भाजपा के नेता दलबदल नहीं करेंगे लेकिन खबरों के मुताबिक यह भी कहा कि कांग्रेस से कुछ नेता टूटकर भाजपा में ज़रूर आएंगे.
बहुगुणा ने कहा कि कुछ ही दिनों में ‘आप देखेंगे कि कांग्रेस के कुछ नेता भाजपा जॉइन करेंगे.’ उन्होंने साफ तौर पर कहा कि हरक सिंह रावत या किसी और नाम को लेकर जिस तरह की चर्चाएं चल रही हैं, वो भ्रामक हैं, उनमें सच कुछ भी नहीं है. याद दिला दें कि हरक सिंह ने भाजपा में खुद को असंतुष्ट कहा था. जानिए बहुगुणा ने भाजपा के भीतर किसी नेता के नाराज़ न होने को लेकर क्या तर्क दिया.
बहुगुणा ने कहा, ‘हमने कांग्रेस से किनारा इसलिए किया था क्योंकि हम पार्टी के विचार और सिद्धांत से सहमत नहीं थे. वह स्थिति बदली नहीं है इसलिए हम सभी साथ हैं और एकजुट होकर भाजपा के लिए प्रतिबद्ध हैं.’ उन्होंने कहा कि वह पीएम मोदी और भाजपा सरकार में पूरा विश्वास रखते हैं और उनका काम भाजपा को उत्तराखंड में चुनाव जिताना है.
बहुगुणा ने कांग्रेस नेता और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के बारे में भी बातचीत की और सबसे पहले उन्हें अपना ‘दोस्त’ बताया. फिर कहा, ‘तथ्यहीन बातें करना ठीक नहीं होता. चुनाव का समय है तो कुछ हलचल तो होगी, कोई कहीं जाएगा, तो कोई कहीं, लेकिन जिन नेताओं का जनाधार होता है, वो विचलित नहीं होते… हरीश रावत जो दावे कर रहे हैं, उन्हें गंभीरता से लेने की ज़रूरत नहीं है.’ यही नहीं, बहुगुणा ने यशपाल आर्य को लेकर भी बात की.
आपको याद दिला दें कि विजय बहुगुणा उत्तराखंड के मुख्यमंत्री रहे थे और हरीश रावत की सरकार के समय में वह अपने साथ नौ कांग्रेस नेताओं को लेकर भाजपा में चले गए थे. आगामी चुनाव के समय में बन रहे समीकरणों के मद्देनज़र दिल्ली से यहां पहुंचे बहुगुणा ने साफ किया कि जब वो बागियों के साथ भाजपा में गए थे, तब पूर्व कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्य उनके साथ नहीं थे.