
देहरादून : कृषि कानूनों के वापस होने के बाद प्रदेश में किसानों को लेकर सियासत तेज हो गई है। 2022 के विधानसभा चुनाव के मद्देनजर सत्ताधारी भाजपा और विपक्षी पार्टी कांग्रेस के बीच अब किसानों को लेकर सियासत गर्माती नजर आ रही है।
दरअसल उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने धामी
सरकार पर राज्य की परिसंपत्ति बटवारे के मामले में उत्तर प्रदेश
सरकार के सामने आत्मसमर्पण करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इसका विरोध करेगी। उन्होंने 18 नवंबर
को काले दिन के रूप में मनाने की घोषणा की।
देहरादून स्थित कांग्रेस भवन में पूर्व सीएम हरीश रावत, नेता
प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह और प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने
संयुक्त रूप से पत्रकार वार्ता की। इस दौरान उन्होंने उत्तराखंड
सरकार पर जमकर हमला बोला।
साथ ही परिसंपत्तियों के बंटवारे के मामले को लेकर भी सरकार
को आड़े हाथ लिया। हरीश रावत ने कहा कि इस मामले को
लेकर सड़क से सदन में विरोध किया जाएगा। साथ ही
राज्यपाल को भी ज्ञापन सौंपा जाएगा। कांग्रेस पार्टी अदालत
का दरवाजा भी खटखटाएगी।