वरिष्ठ नागरिकों के सशक्तिकरण का मंच बना शहजार होम्स का राष्ट्रीय सम्मेलन

वरिष्ठ नागरिक इतिहास के कालखंड होते हैं-कुलपति प्रो. डंगवाल,
वरिष्ठ नागरिकों की संस्था शहजार होम्स द्वारा आयोजित एक दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन संपन्न,
देशभर से लगभग 160 वरिष्ठ नागरिकों ने लिया भाग,
शहजार होम्स विशिष्ट सेवा सहयोग सम्मान से एमके मित्तल और उत्कृष्ट संगीत शिक्षक अवार्ड से राहुल अरोड़ा नवाजे गए,
हरिद्वार।
वरिष्ठ नागरिकों की संस्था शहजार होम्स द्वारा सिडकुल स्थित स्थानीय होटल में एक दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया गया। जिसमें उत्तराखंड,उत्तर प्रदेश, राजस्थान, जम्मू-कश्मीर उड़ीसा,आंध्र प्रदेश, कर्नाटक आदि राज्यों से 160 वरिष्ठ नागरिकों ने प्रतिभाग किया। सम्मेलन का उद्घाटन दून यूनिवर्सिटीज (विश्वविद्यालय) की कुलपति प्रो. सुरेखा डंगवाल, हेल्पेज के ग्लोबल एम्बेसडर (वैश्विक राजदूत) मैथ्यू चेरियन, बी एच ई एल के पूर्व निदेशक एम के मित्तल एवं सीनियर केयर फाउन्डेशन की अध्यक्ष मालती जसवाल ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलन कर किया।
मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए दून यूनिवर्सिटी (विश्वविद्यालय) की कुलपति प्रोफेसर डॉ. सुरेखा डंगवाल ने कहा कि वरिष्ठ नागरिक इतिहास के कालखंड होते हैं, जिन पर आने वाली संतति आधारित रहती है।
वरिष्ठ नागरिकों को कभी भी खुद को किसी पर निर्भर ना होकर सहयोगात्मक व्यक्तित्व का धनी बनना चाहिए, जो परिवार और समाज के विकास में अपना और अधिक योगदान दें सके।
प्रोफेसर डंगवाल ने कहा कि हर व्यक्ति को वरिष्ठ नागरिक के रूप में होने वाली समस्याओं से गुजरना पड़ता है और हम इन समस्याओं का निदान आपसी सामंजस्य और सामाजिक सरोकारों से जुड़कर कर सकते हैं।
वरिष्ठ नागरिकों की संस्था शहजार होम्स के कार्यों की प्रशंसा करते हुए कुलपति प्रोफेसर सुरेखा डंगवाल ने कहा कि यह वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक ऐसा मंच है, जहां वह अपना सुख-दुख भुलाकर एक नई दुनिया में रमे रहते हैं।
सम्मेलन में ‘शहजार होम्स विशिष्ट सेवा सहयोग सम्मान’ से एम के मित्तल और ‘उत्कृष्ट संगीत शिक्षक अवार्ड‘ से राहुल अरोड़ा को नवाजा गया।
इस अवसर पर समाजसेवी विचारक मैथ्यू चेरियन ने रोजमर्रा की जिदंगी में सही खानपान, व्यायाम और व्यक्ति को सामाजिक होने के महत्व पर जोर डाला।
भेल के पूर्व निदेशक एमके मित्तल और इंस्पायरिंग सीनियर्स फाउंडेशन की अध्यक्ष मालती जसवाल ने बढ़ती उम्र के लोगों को एक सामाजिक जिम्मेदारी के रूप में लेने को कहा। डॉ इंदु सुभाष ने वरिष्ठ जनों के कानूनी अधिकारों के बारे में जानकारी दी। पुणे से आई नैंसी कौल ने संस्था की अन्य गतिविधियों के बारे में प्रकाश डाला।
भेल हरिद्वार से सेवानिवृत शहजाद होम्स के सहनिदेशक सर्वेश गुप्ता ने ‘डे केयर में कुछ भी बोलिए’ कार्यक्रम के बारे में बताया,जो विशेष कर वरिष्ठ जनों के अकेलेपन को दूर करने के लिए सप्ताह में एक बार आयोजित किया जाता है।
सांयकालीन सांस्कृतिक संध्या का सभी प्रतिभागियों ने लुफ्त उठाया।
उत्तर प्रदेश के प्रयागराज से आए स्वास्थ्य विभाग के पूर्व सीएमओ डॉक्टर पीके सिन्हा ने पुराने फिल्मी गाने अनोखे अंदाज में गाकर सभी का मन मोह लिया और उनके फिल्मी गानों पर वरिष्ठ महिला और पुरुष नागरिक जमकर ठुमके लगाए, अग्रवाल, बी एस श्रीधर, रविंद्र खन्ना, एसके ग्रोवर, आर के अनेजा , विनय गोयल, पी धस्माना , मनजीत शर्मा एवं अन्य उपस्थित रहे।रुड़की से आई वीणा सिंह ने कभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का धन्यवाद ज्ञापन किया।




