टांडा रेंज की वन भूमि बनी कूड़ाघर, सेंचुरी पेपर मिल की जहरीली स्लज से पर्यावरण और स्वास्थ्य पर खतरा

रिपोर्टर गौरव गुप्ता
लालकुआँ कोतवाली क्षेत्र अन्तर्गत ट्रांसपोर्ट नगर स्थित खाली पड़ी टांडा रेंज की वन भूमि पर वन विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों की हीलाहवाली का लाभ लेते हुए पर्यावरण संरक्षण के नियमों की अनदेखी करते नेशनल हाईवे 109 के किनारे पेपर मिल की केमिकल युक्त स्लज डाले जाने का मामला प्रकाश में आया है।
जिम्मेदार महकमों के पर्यावरण संरक्षण को लेकर किए जा रहे तमाम दावों के बीच सेंचुरी पेपर मिल की जहरीली स्लज डाली जा रहा है। जिसे पर्यावरण के साथ आसपास की हरी भरी वन भूमि को भारी नुकसान पहुंचाया जा रहा है।
ताजा मामला तराई केन्द्रीय वन प्रभाग रूद्रपुर डिवीजन की टांडा रेंज का है। यहाँ अवैध अतिक्रमण को लेकर भरान किया जा रहा है। सेंचुरी पेपर मिल से निकलने वाली जहरीली स्लज लालकुआँ शहर से मात्र 100 मीटर की दूरी पर खुलेआम डाली जा रही लेकिन इसके वाबजूद जिम्मेदार विभाग के अधिकारी अपनी आखें मुद्दे बैठे हुए है।
इधर पर्यावरण मित्रों में गहरा आक्रोश व्यप्त है उन्होंने कहा कि जिस तरह से जहरीली स्लज हरी भरी भूमि पर डाली जा रही है इसे वन भूमि को तो नुकसान हो रहा है साथ ही लोगों में बिमारी पैदा हो रही है इस जहरीली स्लज से दमा,केंसर के साथ लोगों को सांस लेने में तकलीफ हो रही है इसके आलावा गम्भीर बिमारी भी उत्पन्न होगी। उन्होंने प्रशासन से दोषियों के खिलाफ उचित कार्यवाही की मांग की है।






