उत्तराखंड

मकर संक्रांति पर्व पर कालीमठ की महा कालीमाई की चल विग्रह उतस्व डोली देवप्रयाग में होगा महा अभिषेक वेदपाठी रमेश चंद्र भट्ट

मकर संक्रांति पर्व पर कालीमठ की महा कालीमाई की चल विग्रह उतस्व डोली देवप्रयाग में होगा महा अभिषेक वेदपाठी रमेश चंद्र भट्ट

हरीश चन्द्र ऊखीमठ

खबर है ऊखीमठ ब्लॉक व रूद्रप्रयाग जिले से आपको बता दें कि 16 साल बाद कालीमठ पंचगाई समिति द्वारा महा कालीमाई की चल विग्रह उतस्व डोली की देवरा पद यात्रा का शुभारंभ किया गया है।

वहीं कालीमठ मन्दिर के वेदपाठी रमेश चंद्र भट्ट ने विस्तार से बताया कि दिनांक 7 दिसंबर 2025 से कालीमठ पंचगाई समिति द्वारा कालीमाई की चल विग्रह उतस्व डोली की देवरा पद यात्रा का शुभारंभ किया गया था जो कि 16 सालों बाद यह यात्रा की गई।

उन्होंने कहा कि मां काली की चल विग्रह उतस्व डोली केदारघाटी के विभिन्न गांवों के भ्रमण करने के बाद 13 जनवरी को रात्रि विश्राम देवप्रयाग में पहुचेगी जहां 14 जनवरी 2026 को मकर लगनुसार डोली की वेदमंत्रो के साथ उत्सव डोली का महा अभिषेक किया जाएगा तत्पश्चात रघुनाथ मन्दिर मे चल विग्रह उतस्व डोली की पूजा अभिषेक श्रृंगार पर माता के जय कारों के साथ मां काली की चल विग्रह उतस्व डोली देवप्रयाग से वापसी करेगी।

वेदपाठी रमेश चंद्र भट्ट ने कहा कि कालीमठ पंचगाई समिति द्वारा महा कालीमाई की चल विग्रह उतस्व डोली के प्रथम चरण यात्रा समापन होने के बाद द्वितीय चरण में मां काली की चल विग्रह उतस्व डोली बाबा केदारनाथ धाम व तृतीय चरण यात्रा भगवान बद्रीनाथ धाम की यात्रा करेगी और उसके बाद कालीमठ मन्दिर में विशाल यज्ञ का आयोजन किया जाएगा।

भट्ट ने बताया कि प्रथम चरण यात्रा में कालीमाई की चल विग्रह उतस्व डोली वापसी में श्रीनगर पहुंचेगी जहां कुछ दिनों तक डोली वहीं रूकेगी उसके बाद रुद्रप्रयाग अगस्त्यमुनि जहां जहां डोली को बुलाया जाएगा डोली अपने भक्तों को अपना आशीर्वाद व दर्शन देगी।

रमेश चंद्र भट्ट ने कहा कि रुद्रप्रयाग जिले व ऊखीमठ ब्लॉक में अभी तक एक ही ऐसा मन्दिर है जहां 12 महीने यात्रा सीजन और मां के दर्शनों के लिए मन्दिर खुला रहेता है वहीं देश विदेश के विभिन्न प्रांतों से माता के द्ववार भक्तजन पूजा अर्चना करने के लिए आते रहते हैं।

उन्होंने बताया कि कालीमठ मन्दिर जो कि ऊखीमठ से केवल 9 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है कहा कि जिस भी श्रद्धालुओं ने बाबा केदारनाथ व द्वितीय केदार भगवान मद्महेश्वर धाम और मां काली के दर्शन नहीं करे हो तो व शीतकालीन यात्रा पर केदारनाथ धाम द्वितीय केदार भगवान मद्महेश्वर धाम की पंच गद्दी स्थल ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ में जा कर दर्शन कर सकते हैं।

साथ ही ऊखीमठ से केवल 9 किलोमीटर दूरी पर स्थित मां कालीमाई के मन्दिर में आ कर मां काली के दर्शन कर सकते हैं अंत में उन्होंने सभी देशवासियों व क्षेत्रवासियों को नव वर्ष मकर संक्रांति और 26 जनवरी की बहुत बहुत बधाई व शुभकामनाएं दी।

इस मौके पर मन्दिर समिति के मुख्य कार्याधिकारी विजय प्रसाद थपलियाल, मन्दिर समिति के अध्यक्ष हेमंत दुवेद्वी, प्रबंधक प्रकाश पुरोहित, और कालीमठ पंचगाई समिति के अध्यक्ष लखपत सिंह राणा ने भी सभी को नव वर्ष मकर संक्रांति की बधाई व शुभकामनाएं दी

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