उत्तराखंड

अब तक लाखों संख्या में पर्यटक पहुंच चुके हैं मिनी स्विट्जरलैंड चोपता में उठाया बर्फबारी का लुप्त

अब तक लाखों संख्या में पर्यटक पहुंच चुके हैं मिनी स्विट्जरलैंड चोपता में उठाया बर्फबारी का लुप्त

हरीश चन्द्र ऊखीमठ

खबर है ऊखीमठ ब्लॉक से आपको बता दें कि मिनी स्विट्जरलैंड के नाम से विख्यात चोपता में अब तक लाखों की संख्या में देश विदेश के पर्यटक बर्फबारी का लुप्त उठा चुके हैं बता दें कि मिनी स्विट्जरलैंड के नाम से विख्यात चोपता में बर्फबारी होते ही देश विदेश के लाखों पर्यटक बर्फबारी का आंदन उठाने मिनी स्विट्जरलैंड चोपता में आते हैं।

खासकर जनवरी और दिसम्बर के महीनों में यहां देश विदेश के पर्यटक बर्फबारी का लुप्त उठाने आते हैं वहीं इस महीने में भी मिनी स्विट्जरलैंड के नाम से विख्यात चोपता में भी अब तक लाखों देश विदेश के पर्यटक बर्फबारी का लुप्त उठा चुके हैं।

वहीं आपको जानकारी देते हुए वन क्षेत्राधिकारी विमल भट्ट ने बताया कि मिनी स्विट्जरलैंड चोपता में शाशन द्वारा जारी आदेशों का पालन किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि जो निर्धारित शुल्क भारतीय वन जीव संरक्षण के अधीन सेंचुरी में नित है साथ ही स्थानीय रोजगार जो कि ऋषिकेश – तीन धारा से ऊखीमठ चोपता को भी ध्यान में रखा जा रहा है अगर उक्त ट्रेक को बंद किया जाता है तो लाखो नव युवको के रोजगार पर प्रतिकूल प्रभाव पडेगा साथ ही लाखों नव युवक बेरोजगार हो जागाए।

वन क्षेत्राधिकारी विमल भट्ट कहा कि पर्यावरण संतुलन धार्मिक आस्था बढ़ाने के लिए चोपता मद्महेश्वर क्षेत्र के विशेष कार्य योजना तैयार की जा रही है जो कि आम जनमानसों रोजगार एंव पर्यावरण के हित में होगी बताया कि चोपता मद्महेश्वर में पर्यटको से जो भी शुल्क लिया जाता है वह भारत सरकार के मद में जमा होता है उसे खर्च करने की राज्य सरकार को कोई भी अनुमति नहीं है अभी तक वन क्षेत्राधिकारी विमल भट्ट के दो माह के कार्यकाल में पर्यटको से लगभग 30 लाख रुपए की धनराशि राजकोष में जमा करवा दी गई है।

उन्होंने कहा कि अभी मिनी स्विट्जरलैंड चोपता में दो महीने में लगभग 1 लाख पर्यटक चोपता देवरियाताल में पहुंच चुके हैं उन्होंने बताया कि वन रेन्जर चोपता देवरियाताल में किसी भी पक्के शौचालन व पानी के लिए भारत सरकार की अनुमति आवश्यक है इस सम्बन्ध में अगर कोई कार्यदाही संस्था पेय जल निगम/ नगर पंचायत प्रस्ताव तैयार करती है तो प्रस्ताव को यथा शीघ्र भारत सरकार को भेज दिया जाएगा

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