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वन्यजीव अपराध नियंत्रण पर क्षमता संवर्धन प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन

वन्यजीव अपराध नियंत्रण पर क्षमता संवर्धन प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन

रिपोर्टर गौरव गुप्ता।हल्द्वानी | 

आयोजन तिथि- : 12–13 जनवरी, 2026

उत्तराखंड वन विभाग एवं वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो (WCCB) के संयुक्त तत्वावधान में वन्यजीव अपराध नियंत्रण विषय पर आधारित दो दिवसीय क्षमता संवर्धन प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन 12 एवं 13 जनवरी, 2026 को FTI, हल्द्वानी के सभागार में किया जा रहा है।

इस कार्यक्रम का प्रथम दिवस 12 जनवरी, 2026 को सफलतापूर्वक संपन्न हुआ, जबकि द्वितीय दिवस का आयोजन 13 जनवरी, 2026 को किया जाएगा।

यह कार्यक्रम डॉ. साकेत बडोला, मुख्य वन संरक्षक (Chief Conservator of Forests), वेस्टर्न सर्किल, उत्तराखंड के निर्देशन तथा श्री कुंदन कुमार, प्रभागीय वनाधिकारी, तराई पूर्वी वन प्रभाग के नेतृत्व में आयोजित किया जा रहा है।

प्रथम दिवस के दौरान केंद्रीय सरकार से पधारे विष्णु, भारतीय वन सेवा (IFS), क्षेत्रीय उप निदेशक, वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो (WCCB), उत्तरी क्षेत्र द्वारा वन्यजीव अपराधों की वर्तमान प्रवृत्तियों, अंतर-राज्यीय एवं अंतर-राष्ट्रीय नेटवर्क तथा प्रभावी प्रवर्तन हेतु अंतर-एजेंसी समन्वय की आवश्यकता पर प्रकाश डाला गया।

वन्यजीव संस्थान, भारत (WII) से सी. पी. शर्मा द्वारा अवैध वन्यजीव व्यापार में सम्मिलित प्रजातियों की पहचान, फॉरेंसिक तकनीकों एवं वैज्ञानिक साक्ष्यों की भूमिका पर विस्तृत प्रशिक्षण प्रदान किया गया।

वहीं माननीय अधिवक्ता सुरेश यादव द्वारा वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, विवेचना प्रक्रिया, अभियोजन एवं केस डॉक्यूमेंटेशन से संबंधित व्यावहारिक पहलुओं पर मार्गदर्शन दिया गया।

कार्यक्रम में उत्तराखंड वन विभाग की ओर से अनिल जोशी, उप प्रभागीय वनाधिकारी (SDO) तथा सावित्री गिरी, उप प्रभागीय वनाधिकारी (SDO) की गरिमामयी उपस्थिति रही।

उक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम में कुमाऊँ क्षेत्र के विभिन्न प्रभागों से उप प्रभागीय वनाधिकारी (SDO) एवं वन क्षेत्राधिकारी (Range Officers) द्वारा सक्रिय सहभागिता की गई।

प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को वन्यजीव अपराध की वर्तमान स्थिति, तलाशी–जप्ती–गिरफ्तारी एवं विवेचना प्रक्रिया, केस डायरी एवं अभियोजन, मॉक क्राइम सीन अभ्यास जैसे विषयों पर व्यावहारिक एवं तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान किया गया।

द्वितीय दिवस (13 जनवरी, 2026) को मूट कोर्ट/केस मूल्यांकन सहित अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य वन्यजीव अपराधों की प्रभावी रोकथाम हेतु मैदानी स्तर के अधिकारियों की कानूनी समझ, तकनीकी दक्षता एवं कार्यकुशलता को सुदृढ़ करना है।

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