
उत्तर प्रदेश में अखिलेश एक बार फिर प्रदेश में अपनी सरकार बनाना चाहते हैं। लेकिन उनके पार्टी के बागी विधायकों ने अखिलेश की मुश्किलें बढ़ा दी है। दरअसल टिकट नहीं मिलने से नाराज विधायकों ने अखिलेश और समाजवादी पार्टी के प्रत्याशियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कुल जमा ये कि समाजवादी पार्टी के घर में विद्रोह की वेदी सुलग उठी है। सपा के दो विधायक हाजी इकराम कुरैशी और दूसरी हाजी रिजवान, अखिलेश यादव से नाराज चल रहे हैं।
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दरअसल इन दोनों नेताओं में एक समानता है कि दोनों नेताओं का इस बार अखिलेश ने टिकट काट दिया है। हाजी इकराम कुरैशी की बात करें तो वह पिछले 28 साल से समाजवादी पार्टी के साथ है। एसपी सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं। इकराम मुरादाबाद देहात के बड़े और कद्दावर नेता है। अखिलेश से उनकी नाराजगा की वजह इस बार उन्हें टिकट नहीं मिलना है। वहीं दूसरी तरफ मुरादाबाद देहात से हाजी नासिर कुरैशी को टिकट मिला है।
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नासिर का कहना है कि विधायक इकराम कुरैशी के आरोप बेबुनियाद हैं। वहीं दूसरे नाराज नेता हाजी रिजवान मुरादाबाद जिले के कुंदरकी विधानसभा के कद्दावर नेता है। वह उसी सीट से 3 बार विधायक रह चुके हैं, लेकिन इस बार उनका भी टिकट कट गया है। लिहाजा रिजवान ने समाजवादी पार्टी से इस्तीफा देकर एसपी प्रत्याशी के विरोध में चुनाव लड़ने का एलान किया है।
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बता दें कि अखिलेश ने हाजी रिजवान की जगह एसपी सांसद डॉ शफीकुर्रहमान बर्क़ के पोते जियाउर्रहमान बर्क़ को टिकट दिया है। मुरादाबाद जिले में विधानसभा की कुल 6 सीटें है। बिलारी, कुंदरकी, मुरादाबाद नगर, मुरादाबाद ग्रामीण, ठाकुरद्वारा और कांठ सीट। यहां दूसरे चरण यानी 14 फरवरी को वोट डाले जाएंगे। परिणाम 10 मार्च को आएंगे। ऐसे में देखना ये है कि इस बगावत से समाजवादी पार्टी को कितना नुकसान होगा ?