
देहरादून: उत्तराखंड विधानसभा के शीतकालीन सत्र का आज तीसरा दिन है. आज सदन में दोपहर 1 बजे के बाद उत्तराखंड के सतत विकास पर चर्चा की जाएगी. विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने बताया कि आजादी के अमृत महोत्सव के तहत दोपहर 1 बजे से सदन के भीतर प्रदेश के सतत विकास को लेकर चर्चा की जाएगी. शुक्रवार को विधानसभा में हुई कार्य मंडल की बैठक में तय किया गया कि शनिवार को भी विधानसभा का सत्र चलेगा.
धामी सरकार ने विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन शुक्रवार को सदन में देवस्थानम प्रबंधन (निरसन) विधेयक समेत 9 विधेयक प्रस्तुत किए. इस विधेयक के कानूनी शक्ल लेने के बाद संयुक्त प्रांत श्री बदरीनाथ मंदिर अधिनियम, 1939 प्रभावी हो गया. देवस्थानम अधिनियम लागू होने के बाद यह निरस्त हो गया था. इसके साथ ही सदन में 1359.79 करोड़ की दूसरी अनुपूरक मांगों को भी पेश किया गया.
धामी सरकार ने विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन शुक्रवार को सदन में देवस्थानम प्रबंधन (निरसन) विधेयक समेत 9 विधेयक प्रस्तुत किए. इस विधेयक के कानूनी शक्ल लेने के बाद संयुक्त प्रांत श्री बदरीनाथ मंदिर अधिनियम, 1939 प्रभावी हो गया. देवस्थानम अधिनियम लागू होने के बाद यह निरस्त हो गया था. इसके साथ ही सदन में 1359.79 करोड़ की दूसरी अनुपूरक मांगों को भी पेश किया गया.
बता दें, अनुपूरक मांगों के तहत राजस्व लेखा में 1,168 करोड़ 90 लाख 82 हजार रुपये, पूंजी लेखा में 184 करोड़ 88 लाख 26 हजार रुपये का प्रावधान, राजस्व एवं सामान्य प्रशासन की मद में 668 करोड़ 36 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है. इससे एसडीआरएफ, आपदा राहत निधि के खर्च की प्रतिपूर्ति होगी. वहीं, 210 करोड़ 28 लाख की व्यवस्था वित्त, कर, नियोजन, सचिवालय व अन्य सेवाओं के लिए की गई है.
शुक्रवार को प्रश्न काल के दौरान कांग्रेस विधायक काजी निजामुद्दीन ने रोजगार के मुद्दों को लेकर सदन में प्रश्न पूछा. साथ ही प्रदेश में बेरोजगारी दर की स्थिति की भी जानकारी मांगी. इसके जवाब में श्रम मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत ने कहा कि 7 लाख लोगों को नौकरी दी गयी है.