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ब्रेकिंग: ठंड में चढ़ा सियासी पारा! BJP पर हमलावर हुए हरक! सुनें जुबानी

देहरादून: उत्तराखंड प्रदेश में विधानसभा चुनाव नजदीक आ रहे हैं। उत्तराखंड विधानसभा चुनाव 2022 का बिगुल बज चुका है। बीजेपी के बाद कांग्रेस भी अपने 53 प्रत्याशियों की सूची पहले जारी कर चुकी है, बाकी 11 सीटों पर प्रत्याशियों की घोषणा सोमवार को हो पाई है। उत्तराखंड में पिछले दिनों सरकार में कैबिनेट मंत्री और भाजपा से निष्कासित किए गए हरक सिंह रावत ने अब देहरादून पहुंच कर भाजपा के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

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उत्तराखंड के फायर ब्रांड नेता हरक सिंह रावत चुनाव लड़ेंगे या नहीं इसका फैसला अभी तक नहीं हो पाया है। सोमवार को जारी हुई फाइनल लिस्ट में हरक सिंह रावत का नाम नहीं है। ऐसे में सवाल यही उठता है कि क्या कांग्रेस नहीं चाहती कि हरक सिंह रावत जैसा नेता विधानसभा में पहुंचे। सूत्र,, वहीं हरक सिंह रावत की पुत्रवधू अनुकृति को लैंसडाउन से टिकट दिया गया है। हरक सिंह रावत ने भाजपा की सरकार के पिछले 5 सालों के दौरान विकास के नाम पर आडंबर करने का आरोप लगाया है।

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दरअसल, दिल्ली से देहरादून पहुंचने के बाद हरक सिंह रावत कांग्रेस के कार्यक्रम में शामिल हुए थे। इस दौरान उन्होंने भारतीय जनता पार्टी को लेकर कई बातें कहीं। कांग्रेस नेता हरक सिंह रावत ने देहरादून पहुंच कर भाजपा पर जमकर निशाना साधा। भाजपा पर कई आरोप लगाते हुए हरक सिंह रावत ने साफ किया कि भाजपा में रहने के दौरान न केवल उनके द्वारा शुरू की जाने वाली तमाम योजनाओं को शुरू करने से रोका गया। बल्कि विकास के नाम पर भाजपा ने सिर्फ आडंबर किया है।

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हालांकि कांग्रेस सांसद प्रदीप टम्टा साफ तौर पर कह चुके हैं कि पार्टी आलाकमान ने साफ कह दिया है कि एक परिवार को टिकट दिया जाएगा तो हरक सिंह रावत को खुद ही अपने नाम को लेकर दावेदारी नहीं करनी चाहिए। उत्तराखंड की सियासत का केंद्र बिंदु रहे पूर्व कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत की स्थिति दल बदलने के बाद कैसी हो गई है। यह तब पता चला जब हरक सिंह रावत देहरादून पहुंचने पर पत्रकारों के सवालों का जवाब दे रहे थे।

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आमतौर पर एग्रेसिव रहने वाले और हर बात पर अपनी बात को जोर-शोर से कहने वाले हरक सिंह रावत बड़े बुझे मन से पत्रकारों के सवालों का सामना कर रहे थे। हरक सिंह रावत ने कहा कि उत्तराखंड में सबसे खराब मुख्यमंत्री के तौर पर त्रिवेंद्र सिंह रावत का कार्यकाल रहा है। उन्होंने कहा कि धामी उनके छोटे भाई हैं और तीरथ सिंह रावत उनके शिष्य हैं। लेकिन भाजपा ने जिस तरह से प्रदेश की जनता को धोखा दिया है, उसके खिलाफ अब वह भाजपा की सरकार को उत्तराखंड से हटा कर ही रहेंगे। पत्रकारों ने हरक सिंह रावत से दल बदलने के कारण व वर्तमान में वह किन सीटों पर चुनाव लड़ सकते हैं सहित कई सवाल किए। लेकिन हरक कांग्रेस आलाकमान का ही राग अलापते रहे।

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