
ब्यूरो रिपोर्ट : कांग्रेस की मुश्किलें इन दिनों कम होने का नाम नहीं ले रही हैं।आंतरिक कलह का सामना कर रही कांग्रेस पार्टी के अपने नेता ही लगातार कांग्रेस के लिए मुश्किलें खड़ी कर रहे हैं। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद को लेकर पार्टी में हलचल तेज हो गई है: सूत्र
जम्मू-कश्मीर में लगातार रैलियां और कांग्रेस के साथ दूरियों को लेकर चल रही अटकलों के बीच गुलाम नबी आजाद का बयान सामने आया है। कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि वह एक नई पार्टी शुरू नहीं कर रहे हैं, लेकिन भविष्य के बारे में वह कुछ नहीं कह सकते हैं क्यों राजनीति में कब-क्या हो कहा नहीं जा सकता है।
दरअसल गुलाम नबी आजाद आगामी चुनाव को लेकर जम्मू-कश्मीर में एक के बाद एक जनसभाओं में शामिल हो रहे हैं।कांग्रेस को गुलाम नबी आजाद की अति सक्रियता से डर इसलिए लग रहा है क्योंकि गुलाम नबी आजाद पार्टी से असंतुष्ट ‘जी -23’ समूह का हिस्सा हैं। पार्टी प्रमुखों को अब इस बात का भी डर सता रहा है कि अगर आजाद अपनी खुद की पार्टी बना लेते हैं तो उनके सामने पहले से मौजूद चुनौतियां और बढ़ जाएगी क्योंकि गुलाम नबी आजाद ही जम्मू कश्मीर में कांग्रेस के सबसे बड़े नेता हैं।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद जम्मू-कश्मीर में एक के बाद एक जनसभाएं कर रहे हैं। इन जनसभाओं में वो अपनी ही पार्टी की आलोचना कर रहे हैं। पुंछ में एक रैली को संबोधित करते हुए आजाद ने साफ तौर पर कहा कि सुप्रीम कोर्ट ही अनुच्छेद 370 के फैसले को पलट सकता है या फिर इसके लिए कांग्रेस पार्टी को 300 से अधिक सीटों के साथ सत्ता में आना होगा।आगे उन्होंने ये भी कहा कि 2024 में होने वाले चुनावों में कांग्रेस 300 सीटों के साथ सत्ता में आती नजर नहीं आ रही है। ऐसे में आजाद का ये बयान सोचने के लिए मजबूर कर रहा है कि शायद उनका मन अब कांग्रेस से भर गया है।
गौरतलब है कि कुछ दिनों पहले कांग्रेस के गुलाम नबी आजाद समर्थक लगभग 20 नेताओ ने कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया था।इस्तीफा देते हुए नेताओ ने गुलाम अहमद मीर को कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष पद को पद से हटाने की बात कही थी साथ ही प्रदेश कांग्रेस में सुधार की मांग की थी। ऐसे में गुलाम नबी आजाद के तेवर और उनकी जनसभाओं में उमड़ रही भीड़ कांग्रेस के लिए चिंता बढ़ाने वाली बात है।