SDRF को मिली सफलता! बर्फ में जिंदा मिले दो ट्रेकर्स
SDRF gets success! Two trekkers found alive in the snow

देहरादून. स्टेट डिजास्टर रिलीफ फोर्स, एसडीआरएफ को बड़ी सफलता हाथ लगी है. उत्तराखंड के सीमांत उत्तरकाशी ज़िले के हर्षिल से लमखागा पास होते हुए छितकुल हिमाचल ट्रेक पर ट्रेकिंग के लिए गए 8 पर्यटकों समेत 11 लोग लापता हो गए थे, जिनकी तलाश में एसडीआरएफ टीम द्वारा सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है. इस कठिन ऑपरेशन में बड़ी सफलता हासिल करते हुए एसडीआरएफ ने ट्रेकिंग दल के दो लोगों को बचा लिया और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
पंद्रह हज़ार फीट के इस हाई एल्टीट्यूड ट्रेक पर एसडीआरएफ की टीम द्वारा हेलीकॉप्टर से सर्चिंग की गई. हवाई सर्चिंग के दौरान टीम को लापता ट्रेकर्स दिखाई दिए. टीम द्वारा बर्फ में हेलीकॉप्टर से उतरकर पैदल सर्चिंग शुरू की गई. शरीर को जमा देने वाली ठंड, बर्फीली हवाओं और बर्फ की मोटी चादर से बेपरवाह एसडीआरएफ के जवानों के हाथ तब बड़ी सफलता लगी, जब उन्हें दो ट्रेकर्स ज़िंदा नज़र आए. इनमें से एक को गुरुवार को सकुशल रेस्क्यू करते हुए हेली से पहले हर्षिल आर्मी अस्पताल और फिर जिला चिकित्सालय उत्तरकाशी लाया गया.
वहीं, दूसरा सरवाइवर पैदल गई एसडीआरएफ टीम के साथ सुरक्षित कैम्प में ही है. एसडीआरएफ की ग्राउंड रेकी टीम करीब 5000 मीटर की ऊंचाई पर स्थित लमखागा पास में कैम्प किए हुए है. टीम द्वारा कैम्प में ही उसे फर्स्ट एड दिया गया. इस दौरान पांच ट्रेकरों के शव भी रिकवर किए गए. शुक्रवार सुबह कैंप से इस घायल ट्रेकर को भी रेस्क्यू कर लिया गया है. ट्रेकर के साथ ही एसडीआरएफ एक शव को लाने में भी कामयाब रही है.
गौरतलब है कि वेस्ट बंगाल और दिल्ली के ट्रेकरों का यह दल 14 अक्टूबर को उत्तरकाशी के हर्षिल से कुल 17 सदस्यों के साथ ट्रेक पर निकला था. इस बीच, 17 अक्टूबर को मौसम खराब होने और भारी बर्फबारी होने के कारण ये दल फंस गया था. दल में शामिल 6 पोर्टर तो किसी तरह बचकर हिमाचल पहुंच गए, लेकिन तीन पोर्टर समेत शेष 11 मेंबर बर्फबारी में फंस गए. जिनमें से दो लोग जीवित रिकवर कर लिए गए, जबकि पांच के शव बरामद हुए हैं. शेष लापता ट्रेकरों को खोजने व शवों को नीचे लाने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन अभी जारी है.