उत्तरकाशी: HC के फैसले का होटल एसोसिएशन ने व्यक्त किया आभार
मीडिया प्रभारी अनिल रावत ने श्रद्धालुओं से की चार धाम यात्रा आने की अपील
उत्तरकाशी से अनिल रावत की रिपोर्ट: उत्तराखंड के उत्तरकाशी से बड़ी खबर सामने आ रही है। जैसा कि आप सभी जानते हैं कि उत्तराखंड चार धाम यात्रा को लेकर हाई कोर्ट में बड़ा फैसला सुनाया है जो कि एक राहत भरा फैसला है।उत्तराखंड चार धाम यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं की संख्या पर लगी रोक हाईकोर्ट ने हटा दी है। साथ ही हाईकोर्ट ने कोविड-19 टेस्ट की रिपोर्ट लाना अनिवार्य किया है।
आपको बता दें कि नैनीताल हाई कोर्ट के फैसले का गंगोत्री व यमुनोत्री के तीर्थ पुरोहितों व होटल एसोसिएशन ने स्वागत किया है। होटल एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना है कि यात्रियों की संख्या बढने से उत्तराखंड के लोगों को काफी फायदा मिलेगा। मन्दिर समिती के पूर्व सचिव पण्डित मानवेंद्र सेमवाल ने तीर्थयात्रियों से उत्तरकाशी आने का न्योता दिया है।
चारधाम यात्रा के लिए तीर्थयात्रियों की संख्या को लेकर उत्तराखंड सरकार को नैनीताल हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। अब असीमित संख्या में तीार्थयात्री चारधाम यात्रा कर सकेंगे। हाइकोर्ट में आज चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ाने के मामले में सुनवाई हुई। इस दौरान कोर्ट ने चारधाम में तीर्थयात्रियों की संख्या को लेकर फैसला सुनाया। बता दें कि पूर्व में कोर्ट ने केदारनाथ धाम के लिए प्रतिदिन 800, बदरीनाथ धाम के लिए 1000, गंगोत्री के लिए 600, यमुनोत्री के लिए 400 श्रद्धालुओं की ही अनुमति दी थी।
उत्तराखण्ड हाईकोर्ट ने चारधाम यात्रा को पूर्ण रूप से खोल दिया है। इसके अलावा ई-पास की अनिवार्यता को भी समाप्त कर दिया है। कोरोना महामारी कम होने के बाद 18 सितम्बर से उत्तराखण्ड हाईकोर्ट नैनीताल ने चारधाम यात्रा को सुचारू करने के निर्देश दिये थे। हाईकोर्ट ने यात्रा में ई-पास और लिमिटेड यात्रियों की संख्या को रखा था।
केदारनाथ धाम के लिये एक दिन में मात्र 800 ई-पास ही जारी हो रहे थे. ई- पास सिस्टम जारी होने के कारण हजारों की संख्या में यात्री केदारनाथ के दर्शन नहीं कर पा रहे थे। यात्रियों को जगह-जगह वापस लौटाया जा रहा था। इसके साथ ही होटल, लाॅज, घोड़ा-खच्चर, डंडी-कंडी सहित अन्य व्यापारियों को भारी नुकसान हो रहा था। ई-पास की अनिवार्यता को समाप्त करने के लिये व्यवसायियों के अलावा यात्रियों का विरोध जारी था।
मंगलवार को उच्च न्यायालय ने ई-पास और यात्रियों की लिमिट को समाप्त कर दिया है। जिसके बाद जगह-जगह व्यापारियों और केदारनाथ के तीर्थ पुरोहितों ने न्यायालय के इस फैसले का स्वागत किया है। तो वही उत्तरकाशी के मीडिया प्रभारी अनिल रावत ने चार धाम यात्रा को लेकर आभार व्यक्त किया।
साथ ही उत्तराखंड चार धाम यात्रा को लेकर उत्तरकाशी के मीडिया प्रभारी अनिल रावत ने श्रद्धालुओं और समस्त कार्यक्रम बंधुओं से होटल एसोसिएशन आने की अपील की है। 2022 में होटल एसोसिएशन मेें आने के लिए मीडिया प्रभारी अनिल रावत ने उत्साह के साथ श्रद्धालुओं से अपील की है।
आपको बता दें कि नैनीताल हाई कोर्ट के फैसले का गंगोत्री व यमुनोत्री के तीर्थ पुरोहितों व होटल एसोसिएशन ने स्वागत किया है। होटल एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना है कि यात्रियों की संख्या बढने से उत्तराखंड के लोगों को काफी फायदा मिलेगा। मन्दिर समिती के पूर्व सचिव पण्डित मानवेंद्र सेमवाल ने तीर्थयात्रियों से उत्तराखंड आने की अपील की है।
उन्होने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड के चारो धामों के दर्शन करने एक बार जरूर आयें यहाँ आपको किसी भी प्रकार की समस्या नही होगी। साथ ही होटल यमुनाघाटी एसोसिएशन के अध्यक्ष सोबन सिंह राणा व उत्तरकाशी के होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष शैलेन्द्र मटूड़ा सहित सभी चारधाम से जुड़े कारोबारीयो ने हाई कोर्ट व धामी सरकार का आभार व्यक्त किया। चारधाम यात्रा खुलने से अब यात्रियों की संख्या में इजाफा होने से स्थानीय बेरोजगारों को रोजगार मिलेगा।
दरअसल यात्रा के लिए तीर्थयात्रियों की संख्या बढ़ाने को लेकर हाल ही में सरकार ने हाईकोर्ट में प्रार्थनापत्र दाखिल किया था। इसके बाद सोमवार को महाधिवक्ता एसएन बाबुलकर और मुख्य स्थायी अधिवक्ता चंद्रशेखर रावत ने कोर्ट में इस प्रकरण पर शीघ्र सुनवाई के लिए प्रार्थना की थी।
महाधिवक्ता ने सरकार का पक्ष रखते हुए कहा था कि कोविड को देखते हुए कोर्ट ने पूर्व में चारधाम यात्रा के लिए श्रद्धालुओं की संख्या निर्धारित की थी। वर्तमान में प्रदेश में कोविड के मामले ना के बराबर आ रहे हैं। इसलिए चारधाम यात्रा के लिए श्रद्धालुओं की निर्धारित संख्या को बढ़ाया जाए।
महाधिवक्ता ने कोर्ट में कहा था कि चारधाम यात्रा समाप्त होने में 40 दिन से कम का समय बचा है। इसलिए जितने भी श्रद्धालु वहां आ रहे हैं, उन्हें दर्शन करने की अनुमति दी जाए। जो श्रद्धालु ऑनलाइन दर्शन करने के लिए रजिस्ट्रेशन करा रहे हैं वे नहीं आ रहे हैं। इससे स्थानीय लोगों के सामने रोजी-रोजी का संकट खड़ा हो गया है। सरकार की ओर से कहा गया था कि कोर्ट के पूर्व के दिशा निर्देशों का हर संभव पालन किया जा रहा।
इस दौरान पंण्डित मानवेन्द्र सेमवाल पूर्व सचिव गंगोत्री मन्दिर समिती , सोबन सिंह राणा अध्यक्ष होटल एसोसिएशन यमुनाघाटी, शैलेन्द्र मटूड़ा अध्यक्ष होटल एसोसिएशन उत्तरकाशी और समस्त कार्यकारी लोगों ने चार धाम यात्रा के लिए आभार व्यक्त किया।