बिन्दुखत्ता को राजस्व गांव बनाने की मांग पर 12वें दिन भी धरना जारी, सरकार के खिलाफ बढ़ा आक्रोश

रिपोर्टर गौरव गुप्ता।
बिन्दुखत्ता को वनाधिकार अधिनियम के तहत राजस्व गाँव बनाने की माँग को लेकर स्थानीय तहसील परिसर में सैकड़ों ग्रामीणों का आज बारहवें दिन भी क्रमिक धरना-प्रदर्शन जारी रहा।
इस अवसर पर वनाधिकार समिति के संरक्षक और वयोवृद्ध सामाजिक कार्यकर्ता व पत्रकार श्याम सिंह रावत ने कहा कि कुछ राजनीतिक दल अपनी असफलताओं को छिपाने के लिए तरह-तरह की अफ़वाहें फैलाते हुए बिन्दुखत्तावासियों के बीच फूट डालने की भरसक कोशिश कर रहे हैं। जबकि वनाधिकार अधिनियम और इसके तहत राजस्व गाँव बनाने की पत्रावली में कोई भी कमी नहीं है।
अन्य वक्ताओं ने कहा कि बिन्दुखत्ता को वनाधिकार अधिनियम की समस्त औपचारिकताएँ पूरी करते हुए पत्रावली शासन स्तर पर पिछले ढाई वर्ष से लंबित है तो फिर सरकार द्वारा इस मामले में विलंब करना उचित नहीं है।
कहा कि सरकार के इस उपेक्षात्मक रवैए से बिन्दुखत्तावासियों में निराशा और आक्रोश बढ़ता जा रहा है। जिसका खामियाजा विधानसभा चुनाव में सत्ता पक्ष को भुगतना पड़ेगा।
आज के क्रमिक धरना-प्रदर्शन की बारी बिन्दुखत्ता के संजयनगर द्वितीय की थी जिसकी अध्यक्षता कैप्टन मोहन सिंह धामी ने की। जिसमें बंशीधर पाठक, दिलीप सिंह अधिकारी, नारायण नाथ, भवान सिंह धामी, हरीश चंदोला, गोविंद राम, हीरा सिंह मेहरा, ललित पलड़िया, तुलसी लोहनी, इंदु भट्ट, दीपा भट्ट, उमेश भट्ट, श्याम सिंह रावत, रमेश गोस्वामी, ममता बिष्ट, दीपा पाठक, तनु पलड़िया, विमला भट्ट, गोविंदी जोशी आदि ने प्रमुख रूप से भागीदारी की। संचालन नंदन बोरा ने किया। धरना-प्रदर्शन का समापन अन्य दिनों की तरह तहसीलदार के माध्यम से मुख्यमंत्री को भेजे गए ज्ञापन के साथ किया गया।




